ये सुगम संस्थान फिर हो गए दुर्गम
शिक्षा महानिदेशक के इस आदेश से दो महीने पहले सुगम घोषित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बड़कोट (उत्तरकाशी), जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चड़ीगांव (पौड़ी गढ़वाल), गौचर (चमोली), रतूड़ा (रुद्रप्रयाग), डीडीहाट (पिथौरागढ़), लोहाघाट (चंपावत) और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बागेश्वर दुर्गम हो गए हैं।
कोटिकरण के लिए गठित समिति में ये थे शामिल
इस साल वर्ष अप्रैल में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के कोटिकरण के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक महावीर सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में जो समिति गठित की गई थी, उसमें अपर निदेशक एससीईआरटी अजय नौडियाल, संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ.मुकुल कुमार सती, उप निदेशक सीपी रतूड़ी, एमआईएस प्रभारी मुकेश बहुगुणा शामिल थे।
दुर्गम और अतिदुर्गम में कार्यरत शिक्षकों के साथ है अन्याय
सुगम घोषित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों को दुर्गम में शामिल करने को कुछ शिक्षकों ने दूरस्थ क्षेत्रों के शिक्षकों के साथ अन्याय बताया है। शिक्षकों का कहना है कि सुगम क्षेत्र यदि दुर्गम घोषित किए जाते रहे तो अति दुर्गम क्षेत्रों के शिक्षक कभी सुगम में नहीं आ पाएंगे।
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तबादला एक्ट भी दरकिनार
उत्तराखंड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम 2017 के अनुसार हर साल कार्यस्थल का कोटिकरण होगा, लेकिन शिक्षा विभाग में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के लिए वर्ष 2022 के कोटिकरण को लागू किया जा रहा है।