एमडीडीए की टीम ने मंगलवार को तहसील क्षेत्र के बड़ा रामपुर में सात बीघा भूमि पर हुई अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। वहीं, सेलाकुई में तीन निर्माणाधीन दुकानों और एक हॉस्टल को सील किया। एक आवासीय भवन के ऊपर दो मंजिला निर्माण की भी सीलिंग की कार्रवाई की। टीम ने पूर्व में कॉलोनाइजर और भवन निर्माता को नोटिस जारी किया था, लेकिन काम नहीं रोका गया था।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर टीम ने तहसील क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के खिलाफ अभियान चलाया। सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज के नेतृत्व में टीम सबसे पहले बड़ा रामपुर पहुंची। यहां सुमन और समीर सात बीघा भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर रहे थे। टीम ने प्लॉटिंग पर बनाई गई सीसी सड़क और प्लॉट की चहारदीवारी को जेसीबी से तोड़ दिया। इसके बाद कैंचीवाला में एक आवासीय भवन के ऊपर अवैध रूप से बनाए जा रहे दो मंजिला निर्माण को सील कर दिया। यहां प्रभात कुमार, सिकंदर और मीना की ओर से निर्माण किया जा रहा था।
एमडीडीए की टीम ने चकराता रोड पर सेलाकुई मार्केट के पास तीन निर्माणाधीन दुकानों को सील किया। दुकानों का निर्माण अरुण प्रकाश भट्ट कर रहे थे। टीम ने सेलाकुई में हिमगिरी होटल के पास एक निर्माणाधीन हॉस्टल भी सील किया। इसका निर्माण अविनाश कुमार करवा रहे थे।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष ने बताया, बिना नक्शा पास करवाए निर्माण कार्य किया जा रहा था। बताया कि अवैध प्लॉटिंग और निर्माण को चिह्नीकरण का कार्य लगातार किया जा रहा है। टीम में जेई जितेंद्र मोर्या, युगांत रावत, सुपरवाइजर अमरलाल भट्ट और अजय शामिल रहे।