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शराब कारोबारी से डकैती की फिराक में देहरादून पहुंचे सात बदमाश गिरफ्तार

Sun, 05 Jan 2020 10:26 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • ब्लैक मनी को व्हाइट करने में ढाई करोड़ के मुनाफे का लालच देकर थी डैकती की योजना
  • ऋषिकेश में ज्वेलर से लूट की साजिश विफल होने के बाद दून पहुंचे थे बदमाश
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शराब कारोबारी से मोटी रकम लूटने के इरादे से दून पहुंचे सात बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह गैंग ऋषिकेश में भी एक ज्वेलर्स के यहां डकैती की नाकाम कोशिश कर चुका था। बदमाशों ने ज्वेलर को पांच करोड़ की ब्लैक मनी को व्हाइट करने में ढाई करोड़ के मुनाफे का लालच दिया था, लेकिन उनकी साजिश नाकाम रही। इसी प्लान को एक शराब कारोबारी पर आजमाने के लिए बदमाश दून पहुंचे थे। आरोपियों से पिस्टल के अलावा कई और हथियार बरामद हुए हैं।

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पुलिस उप महानिरीक्षक अरुण मोहन जोशी ने शुक्रवार को मीडिया को पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस की सक्रियता से डकैती की दो बड़ी घटनाएं टल गईं। उन्हाेंने बताया कि ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह को सूचना मिली थी कि सहारनपुर से कुछ बदमाशों ने ऋषिकेश में एक ज्वेलर के यहां डकैती का प्रयास किया था, लेकिन वे नाकाम रहे। बदमाशाें का यह गैंग अब देहरादून में डकैती की फिराक में था। 

इस इनपुट के आधार एसपी देहात प्रमेन्द्र डोभाल के निर्देशन में टीम गठित की गई। नेहरू कालोनी में रेसकोर्स रोड पर चेकिंग के दौरान एक कार (यूके 08 एएम 4574) से संजय कुमार निवासी शाहपुर थाना देवबंद और फ रमान निवासी बुड्ढा हेडी हरिद्वार को पकड़ा गया। जबकि बाइक सवार रवि कुमार निवासी शाहपुर देवबंद और अनुज उर्फ  शिवम निवासी सिमालकी थाना छपार मुजफ्फरनगर को भी पकड़ा गया।
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जबकि इनके साथी पूरन आहूजा निवासी हरिद्वार, देवेन्द्र निवासी अपर राजीव नगर नेहरू कालोनी और बलवीर सिंह नौटियाल उर्फ पंडित निवासी चुक्खू मौहल्ला, देहरादून के दूसरे वाहन से आने की जानकारी मिली थी। पूछताछ में दून और ऋषिकेश में डकैती की पूरी साजिश का खुलासा हुआ।

इसके बाद पुलिस ने फरार पूरन आहूजा, देवेंन्द्र और बलवीर सिंह नौटियाल को भी गिरफ्तार कर लिया, जिनसे पूछताछ की जा रही है। इस दौरान पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे, एसपी देहात प्रमेन्द्र डोभाल और आईपीएस भदाणे विशाखा अशोक आदि मौजूद रहे।
 

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यह था प्लान

डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि सरगना संजय कुमार ने यह पूरी साजिश रची थी। बदमाशों ने अपने शिकार को झांसा दिया था कि एक परिचित की डेड कंपनी में दो नंबर के पांच करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। ऐसे में इस रकम को व्हाइट मनी साबित करना उनके लिए मुश्किल है।

वे पांच करोड़ रुपये उन्हें स्थानांतरित कर सकते हैं। इसके बदले उन्हें ढाई करोड़ रुपये चाहिए। ढाई करोड़ रुपये दिखाने के बाद पांच करोड़ आरटीजीएस के माध्यम से खाते में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे। गैंग के कुछ बदमाश बाहर खड़े थे, जो इशारा मिलते ही अंदर घुसकर पूरा कैश लूट ले जाते।

बाल-बाल बचा ऋषिकेश का ज्वेलर 

एसपी देहात प्रमेन्द्र डोभाल के मुताबिक गैंग के सरगना संजय कुमार ने देवेन्द्र कटारिया के माध्यम से पहले ऋषिकेश के गढ़वाल ज्वेलर्स के मालिक को पांच करोड़ के बदले ढाई करोड़ का भुगतान करने के लिए तैयार कर लिया था। 31 दिसंबर को गैंग योजना के मुताबिक गढ़वाल ज्वैलर्स के यहां पहुंच गए। लेकिन, व्यापारी के पास उस दिन कैश नहीं होने के कारण घटना को अंजाम नहीं दे पाए।

अगले दिन गढ़वाल ज्वेलर्स के मालिक ने फोन कर तीन करोड़ रुपये स्थानांतरित करने को कहा। उसने बताया कि डेढ़ करोड़ रुपये का कैश उसके पास है। गैंग का सरगना बाकी बदमाशों के साथ ज्वेलर के यहां पहुंच गया। डेढ़ करोड़ रुपये देखने के बाद इन लोगाें ने बाहर खड़े साथियाें में से एक को मैनेजर संबोधित करते हुए रकम आरटीजीएस से ऑनलाइन ट्रांसफर करने को कहा। इसके पीछे इशारा अंदर आने का था। बाहर खड़े साथी ने पुलिस के सक्रिय होने की जानकारी दी तो डकैती की योजना को स्थगित कर दिया गया। 

शराब कारोबारी तक नहीं पहुंच पाए बदमाश

एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि ऋषिकेश में विफल होने के बाद गैंग ने फरमान के माध्यम से मोटे कमीशन का लालच देकर पहले बलवीर सिंह नौटियाल उर्फ पंडित को अपने साथ जोड़ा। वह यजमानों के यहां पूजा पाठ के अलावा प्रापर्टी डीलिंग का काम करता था। पंडित ने भटनागर नाम के एक व्यक्ति के माध्यम से दून के शराब कारोबारी टोनी जायसवाल को ढाई करोड़ रुपये देने को तैयार कर लिया। पूरा गैंग हरिद्वार से देहरादून शिफ्ट हो गया, लेकिन पुलिस ने जायसवाल से मिलने से पहले ही उन्हें दबोच लिया।
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