राज्य कर विभाग के 72 उपनलकर्मियों को झटका लगा है। मामले में सरकार अब सुप्रीम कोर्ट जाएगी। इस संबंध में शासन स्तर पर उच्च स्तरीय बैठक हुई। एसएलपी दायर करने के लिए विभाग से प्रस्ताव मांगा गया है।
राज्य कर विभाग में तैनात उपनलकर्मियों के नियमितीकरण और सेवा संबंधी लाभों के मामले में राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी। सरकार हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुज्ञा याचिका (एसएलपी) दायर करेगी। इसके लिए शासन ने तत्काल राज्य कर विभाग को प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं।
आठ जून को शासन स्तर पर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में न्याय विभाग, वित्त, राज्य कर, कार्मिक और सैनिक कल्याण विभाग के अपर सचिव व वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में हाईकोर्ट के विभिन्न रिट याचिकाओं में पारित आदेशों के क्रियान्वयन और उपनल कर्मियों के प्रत्यावेदनों का निस्तारण करना था।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: धर्मपुर विधानसभा सीट: भाजपा के दो बार के विधायक चमोली के सामने इस बार मैदान में नए दावेदार
बैठक में यह बात उठी कि जिन राज्य कर विभाग के 72 कर्मियों की सेवा में कृत्रिम व्यवधान रहा है, उनके प्रत्यावेदनों पर सकारात्मक विचार करना सैनिक कल्याण विभाग की नीति और नियमों का उल्लंघन होगा। अगर ऐसा किया गया तो अन्य विभागों से भी ऐसी मांगें उठेंगी। इससे सरकार के लिए प्रशासनिक और वित्तीय संकट पैदा हो सकता है। लिहाजा तय किया गया कि राज्य कर के इन कर्मचारियों पर आए हाईकोर्ट के आदेशों पर सरकार सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करेगी। इसके लिए राज्य कर विभाग से प्रस्ताव मांगा गया है।