केंद्र के गृह विभाग ने उत्तराखंड के मौजूदा पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू पर गंभीर आरोप लगाने वाली महिला से आरोपपत्र के साथ शिकायत भेजने का निर्देश दिया है। शिकायत उस समय की है जब सिद्धू आरपीएफ के मुख्य सुरक्षा आयुक्त के पद पर मुंबई में तैनात थे।
उक्त महिला ने 16 सितंबर 2014 उत्तराखंड शासन को पत्र भेजकर मुंबई निवासी महिला ने सिद्धू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। 28 अक्तूबर को गृह विभाग ने शिकायतकर्ता महिला को पत्र भेजकर शिकायत को शपथपत्र के रूप में भेजने को कहा है। शपथपत्र के साथ ही समुचित साक्ष्य भी भेजने को कहा है। महिला सिद्धू के कार्यालय में हेड क्लर्क के रूप में कार्यरत थी।
निर्विकार की शिकायत पर केंद्र का रुख सख्त
निलंबित दरोगा निर्विकार के शिकायती पत्र पर केंद्रीय कार्मिक एवं लोक शिकायत विभाग ने राज्य सरकार को डीजीपी बीएस सिद्धू के मामले में उचित कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कार्मिक मंत्रालय से यह पत्र 21 अक्तूबर को लोक शिकायत विभाग को मिला, जिसे 22 अक्तूबर को प्रमुख सचिव गृह एमएच खान को भेजकर नियम सम्मत कार्रवाई करने को कहा गया है।
निलंबित चल रहे रुद्रप्रयाग में तैनात दरोगा निर्विकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय गृह मंत्री को भेजी शिकायत में डीजीपी बीएस सिद्ध पर वीर गिरवाली वन रेंज में रिजर्व फारेस्ट की जमीन फर्जी तरीके से अपने नाम कराने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी।
हालांकि मामला अभी उच्च न्यायालय नैनीताल, जिला एवं सत्र न्यायालय देहरादून और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल दिल्ली में विचाराधीन है। लेकिन शिकायत पर केंद्रीय कार्मिक विभाग ने उत्तराखंड शासन को पत्र भेजकर उचित कदम उठाने को कहा है। प्रमुख सचिव गृह एमएच खान ने पत्र प्राप्त होने की पुष्टि की और कहा कि पत्रावलियों का परीक्षण कर जल्द ही उचित कदम उठाया जाएगा।