संवेदनशील केदारताल की स्थिति जानने के लिए जल्द एक टीम रवाना होगी। आपदा प्रबंधन विभाग इसकी तैयारी कर रहा है। राज्य में कई हिमनद झीलें संवेदनशील हैं। इनमें कई झीलों को स्थलीय निरीक्षण आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से गई विशेषज्ञों की टीम कर भी चुकी है। इन झीलों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
इस काम का नोडल विभाग वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान को बनाया गया है। इसी संस्थान में हाल में हुए एक कार्यक्रम में आए राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी) के निदेशक संजय चौहान ने बताया था कि केदारनाथ झील संवेदनशील है, इसका आकार बढ़ रहा है। उन्होंने इसकी नियमित निगरानी की बात भी कही थी।
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आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार इस झील की सैटेलाइट से मिली जानकारी है। अब मौके पर पहुंच कर वहां की स्थिति का पता किया जाना है। ऐसे में उसे पता करने के लिए टीम को भेजा जाएगा। इस संबंध में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि इस झील से जुड़ी जानकारी है। इसके अध्ययन के लिए जल्द ही एक की टीम को भेजा जाएगा। स्थलीय निरीक्षण से और भी जानकारी मिल सकेगी। इस टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगे के कदम उठाए जाएंगे।