प्रेमनगर में एक महिला ने दिनदहाड़े तीन बच्चों का अपहरण होने का शोर मचाया तो पूरे बाजार में सनसनी फैल गई। तुरंत पुलिस हरकत में आई और दुकानों में लगे सीसीटीवी खंगाले जाने लगे। मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। एक घंटे की अफरातफरी के बाद तीनों बच्चे एक स्कूल से पास सुरक्षित मिल गए। बच्चों को स्कूटी पर बिठाकर ले जाने वाली महिला को पुलिस ने जमकर फटकार लगाई।
मामला बुधवार सुबह करीब 11 बजे का है। प्रेम नगर निवासी सुनीता का चार साल का बेटा अक्षित नन्हीं दुनिया स्कूल में पढ़ता है। महिला स्कूल से बच्चे को लेकर अपने घर जा रही थी। उसके साथ दो अन्य बच्चे भी थे। बताया जा रहा है कि उसी दौरान स्कूटी सवार एक महिला आई और सुनीता को कहने लगी कि पास में विद्या भारती स्कूल है और वहां वह इन बच्चों को नि:शुल्क दाखिला करा देगी। इसके बाद महिला ने तीनों बच्चों को स्कूटी पर बैठा लिया और यह कहते हुए चली गई कि आप पीछे-पीछे स्कूल आ जाओ, मैं इन्हें वहीं लेकर जा रही हूंं। स्कूटी सवार महिला तीनों बच्चों को ले जाने लगी तो सुनीता को कुछ गड़बड़ लगी और उसने अपहरण का शोर मचा दिया। ये सुनते ही मौके पर लोग एकत्र होने लगे, लेकिन जब तक लोग महिला को पकड़ पाते तब तक वह तीनों बच्चों को लेकर दूर जा चुकी थी। अपहरण का शोर सुनते ही आस-पास के व्यापारी भी इकट्ठा होने लगे। महिला समेत कई लोग प्रेमनगर कोतवाली पहुंचे और पुलिस को घटना की सूचना दी।
तीन बच्चों के अगवा होने की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस ने संदेश फ्लैश कर तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने सीसीटीवी के माध्यम से महिला की पहचान करने की कोशिश की। उसके बाद पुलिस बाल भारती स्कूल भी पहुंची। पुलिस को स्कूल वालों ने बताया कि महिला बैंक में काम करती है और उसके बच्चे भी स्कूल में पढ़ते हैं। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि तीनों बच्चे नन्हीं दुनिया स्कूल के सामने खड़े हैं। पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया।
उधर पुलिस ने महिला की शिनाख्त करके उसको भी थाने में बुलवा लिया। यहां आरोपी महिला ने कहा कि उसका उद्देश्य गलत नहीं था और वह माफी मांगने लगी। बाद में परिजनों ने महिला के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई करने से मना कर दिया। इस पर महिला को चेतावनी देकर पुलिस ने छोड़ दिया। कोतवाली प्रभारी ने कहा, यह सब गलतफहमी में हुआ है।
एक घंटा तक रही अफरातफरी
तीन बच्चों के कथित अपहरण से पुलिस-परिजनों की सांस अटक गई। 11.30 बजे महिला बच्चों को ले गई थी और करीब 12.30 बजे बच्चे मिल गए। इस एक घंटे के अंतराल में दून पुलिस में तीनों बच्चों की सुरक्षित बरामदगी को लेकर हड़कंप मचा रहा। बच्चों के परिजनों भी रो-रोकर बुरा हाल था।