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डोईवाला की रहने वाली बुजुर्ग महिला भी इसी जनसुनवाई कार्यक्रम में पहुंची और बेटे पर प्रताड़ना का आरोप लगाया। इस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम डोईवाला को इस मामले में भरण पोषण एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ये केवल इन दो महिलाओं की कहानी नहीं है। तीन माह पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों को वरिष्ठ नागरिकों की समस्याएं सुनने के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी देहरादून कार्यालय की बात करें तो यहां पर हर रोज सात से 10 लोग हर रोज अपनी शिकायतों को लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें से ज्यादातर अपने बेटों और बेटियों पर ही प्रताड़ना के आरोप लगाते हैं। इनमें से जिलाधिकारी के निर्देश पर अब तक कुल पांच लोगों के खिलाफ भरण पोषण एक्ट में मुकदमे अदालतों में दर्ज कराए हैं। इसके अलावा 150 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के संबंध में संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों को प्राथमिकता पर रखा जाता है। उनके अधिकार क्या हैं इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम भी समय-समय पर चलाए जाते हैं।
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भू-माफिया की भी संपत्तियों पर गिद्ध नजर
बहुत से एकाकी रहने वाले वरिष्ठ जनों की संपत्तियों पर भू-माफिया की भी गिद्ध नजर रहती है। इसके लिए जिले में पुलिस की वरिष्ठ नागरिक सेल भी बनी हुई है। इसमें भी संपत्तियों को लेकर शिकायतें आती हैं। इसके साथ बीते एक साल में 50 से ज्यादा वरिष्ठ नागरिक अपनी संपत्तियों पर कब्जे की शिकायत कर चुके हैं। इनमें से कई मामलों में मुकदमे भी दर्ज कराए जा चुके हैं।