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उत्तराखंड: बुजुर्गों को अपनों से मिल रही दुत्कार, रोजाना पहुंच रहे सरकार के द्वार, हक मारा जा रहा, घर से बेघर

Thu, 21 Aug 2025 03:12 PM IST
रेनू सकलानी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

जिलाधिकारी के पास हर रोज सात से 10 वरिष्ठ नागरिक अपनों की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। किसी को जीवन भर खून पसीने से बने घर से निकाल दिया तो कोई उनका वास्तविक हक भी मार रहा है। जिलाधिकारी ने बीते दो माह में ही भरण पोषण एक्ट में पांच मुकदमें दर्ज कराए हैं।

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डीएम सविन बंसल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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60 बरस...। उम्र की वह गिनती जिसके बाद नागरिक वरिष्ठ कहलाने लगता है। उसने अब से पहले सरकार के लिए काम किया हो या न किया हो मगर सरकार उनके बारे में सोचने लगती है। योजनाएं बनती हैं, सहूलियत मिलती हैं। हक न मिले तो कानून बना है मगर जिन अपनों के लिए उम्र के इस पड़ाव तक उन्होंने सब कुछ किया वे अपने ही उन्हें न सिर्फ भूल रहे हैं बल्कि दुत्कार रहे हैं।

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ईंट की इमारत को खून पसीने से घर बनाया उस घर में ही वरिष्ठ जनों को अपने बाहर का रास्ता दिखा रहे हैं। इसी दुत्कार से परेशान होकर लगातार ये वरिष्ठ नागरिक सरकार के द्वार पर दस्तक दे रहे हैं। हर रोज सात से 10 वरिष्ठ नागरिक देहरादून जिलाधिकारी के पास अपनों की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।

उदाहरण : 01

प्रेमनगर क्षेत्र की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला गत सोमवार को जिलाधिकारी की जनसुनवाई में पहुंची थी। महिला के अनुसार उनका बेटा उन्हें घर से बाहर निकाल रहा है। उनके पति ने बेटी को एक बीघा जमीन दी थी उस पर भी बेटे की नजर है। जिलाधिकारी ने विकासनगर तहसीलदार को इस मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

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उदाहरण : 02

डोईवाला की रहने वाली बुजुर्ग महिला भी इसी जनसुनवाई कार्यक्रम में पहुंची और बेटे पर प्रताड़ना का आरोप लगाया। इस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम डोईवाला को इस मामले में भरण पोषण एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ये केवल इन दो महिलाओं की कहानी नहीं है। तीन माह पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों को वरिष्ठ नागरिकों की समस्याएं सुनने के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी देहरादून कार्यालय की बात करें तो यहां पर हर रोज सात से 10 लोग हर रोज अपनी शिकायतों को लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें से ज्यादातर अपने बेटों और बेटियों पर ही प्रताड़ना के आरोप लगाते हैं। इनमें से जिलाधिकारी के निर्देश पर अब तक कुल पांच लोगों के खिलाफ भरण पोषण एक्ट में मुकदमे अदालतों में दर्ज कराए हैं। इसके अलावा 150 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के संबंध में संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों को प्राथमिकता पर रखा जाता है। उनके अधिकार क्या हैं इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम भी समय-समय पर चलाए जाते हैं।

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भू-माफिया की भी संपत्तियों पर गिद्ध नजर

बहुत से एकाकी रहने वाले वरिष्ठ जनों की संपत्तियों पर भू-माफिया की भी गिद्ध नजर रहती है। इसके लिए जिले में पुलिस की वरिष्ठ नागरिक सेल भी बनी हुई है। इसमें भी संपत्तियों को लेकर शिकायतें आती हैं। इसके साथ बीते एक साल में 50 से ज्यादा वरिष्ठ नागरिक अपनी संपत्तियों पर कब्जे की शिकायत कर चुके हैं। इनमें से कई मामलों में मुकदमे भी दर्ज कराए जा चुके हैं।

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