भारत-नेपाल के रिश्तों और सुरक्षा में किसी ‘तीसरे’ की घुसपैठ दोनों देशों के लिए खतरा है। कुछ ऐसे तत्व हैं जो दोनों देशों के बीच दरार पैदा करना चाहते हैं। शत्रु पक्ष को यह कतई मंजूर नहीं की भारत-नेपाल के रिश्ते मधुर रहें। लिहाजा ऐसे तत्वों से सावधान रहने की जरूरत है।
मंगलवार को भारतीय वन अनुसंधान केंद्र (एफआरआई) के सभागार में ‘भारत नेपाल संबंध और सुरक्षा’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद भारत और नीति अनुसंधान प्रतिष्ठान नेपाल की ओर से आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी के पहले दिन विशेषज्ञों ने यह चिंता जताई।
गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि नेपाल के साथ हमारे गहरे और दीर्घकालिक रिश्ते हैं। कई लोग हमें अलग करने की कोशिश में लगे हैं। इसलिए हमारे बीच कोई घुसपैठ कतई मंजूर नहीं होनी चाहिए। उत्तराखंड और नेपाल के लोगों में तो रोटी-बेटी के संबंध हैं। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक रिश्ते और एकता भविष्य में भी बना रहना बहुत जरूरी है