आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में कोचिंग लेने वाले छात्र अधिक सफल नहीं हो रहे है। यह बात आईआईटी की ओर से जारी की जेईई एडवांस 2016 की रिपोर्ट में सामने आई है। परीक्षा में जो छात्र कामयाबी का झंडा बुलंद कर रहे है, जानिए वजह...
आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में कोचिंग नहीं बल्कि खुद तैयारी करने वाले छात्र कामयाबी का झंडा बुलंद कर रहे हैं। देश की सबसे मुश्किल मानी जाने वाली इस परीक्षा की हर साल विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार होती है।
आईआईटी ने हाल ही में जेईई एडवांस 2016 की रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक परीक्षा में कामयाब होने वालों में 44.54 प्रतिशत कोचिंग वाले छात्र थे तो 52.37 प्रतिशत खुद तैयारी करने वाले छात्रों ने कामयाबी हासिल की।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में दाखिले के लिए छात्रों को दो परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। पहली परीक्षा जेईई मेन होती है, जिसका आयोजन सीबीएसई कराता है। इस परीक्षा को पास करने वाले शीर्ष-2.24 लाख अभ्यर्थियों को आईआईटी दाखिले की जेईई एडवांस परीक्षा के लिए चुना जाता है।
जेईई रिपोर्ट-2016 में कई अलग ट्रेंड देखने को मिले हैं। एक ओर गरीबों के बच्चों का आईआईटी में दखल बढ़ा है तो दूसरी ओर ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों ने भी आईआईटी में दमदार एंट्री की।
खास बात यह भी सामने आई कि जिन बच्चों के माता-पिता स्नातक पास हैं, उनके बच्चे सर्वाधिक आईआईटी में पहुंचे हैं। आईआईटी में 2016 में दाखिला लेने वाले सरकारी नौकरी पेशा लोगों के बच्चों की संख्या सर्वाधिक पाई गई है।