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उत्तराखंड में ब्रिटेन के फार्मूले से चलेंगे ITI, आसानी से मिलेगी अब नौकरी

Tue, 19 Dec 2017 08:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : Demo pic
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उत्तराखंड में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) अब ब्रिटेन की तर्ज पर चलेंगे। ऐसे में अब युवाओं को नौकरी भी आसानी से मिल पाएगी।
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इसके तहत फैक्ट्री संचालित करने वाले उद्यमी क्षेत्र में लगे उद्योगों के हिसाब से कोर्स डिजाइन करेंगे। साथ ही आईटीआई प्रशिक्षु को प्रशिक्षण देने के साथ रोजगार भी सुनिश्चित कराएंगे। इसके लिए शासन के अधिकारियों ने ब्रिटेन का दौरा कर रिपोर्ट भी तैयार की है। पहले चरण में योजना को हरिद्वार जिले में लागू किया जाएगा। बाद में पूरे प्रदेश में इस व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा।

राज्य में संचालित सरकारी और निजी आईटीआई में 32 अलग-अलग ट्रेड संचालित हैं। अभी कोर्स करने के बाद सामान्य तौर पर प्रशिक्षु को रोजगार की तलाश खुद करनी होती है, जबकि ब्रिटेन में व्यवस्था दूसरी है।
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वहां फैक्ट्री संचालक ही नया कोर्स शुरू करने से पहले आपस में विचार-विमर्श करते हैं, फैक्ट्री में किस तरह के तकनीकी कर्मियों की जरूरत है? भविष्य में कौन-कौन से उत्पाद को तैयार करने वाली फैक्ट्री लगेगी या नई मशीनें आने वाली हैं, उसके हिसाब से कोर्स को डिजाइन किया जाता है। इसके बाद आईटीआई में ट्रेड शुरू किया जाता है।
 

राज्य से ब्रिटेन भेजे गए थे अधिकारी

नौकरी
इन ट्रेड को संचालित करने की जिम्मेदारी भी फैक्ट्री संचालक की होती है। फैक्ट्री के विशेषज्ञ ही कोर्स के संबंध में जानकारी और प्रशिक्षण देते हैं। इसके बाद जैसे ही प्रशिक्षण पूरा होता है, आईटीआई प्रशिक्षु को निकट की ही फैक्ट्री में स्वत: जॉब मिल जाती है।

आईटीआई में व्यवस्थाओं के लिए फैक्ट्री संचालक अपने तय कारपोरेट सोशल रिस्पांसबिल्टी फंड (सीएसआर) से पैसा खर्च करते हैं, इसके बाद भी अगर अध्यापन, प्रशिक्षण का खर्च, मशीनों की व्यवस्था, छात्रों की फीस ज्यादा आ रही है, तो उसमें राज्य सरकार अपना शेयर देती है। अब उत्तराखंड में कुछ इसी तर्ज पर व्यवस्था को लागू करने तैयारी है।

राज्य में आईटीआई की स्थिति को कैसे बेहतर किया जा सकता है, इसके अध्ययन के लिए अपर सचिव तकनीकी को ब्रिटेन के दौरे पर भेजा गया था। अध्ययन में वहां सरकार, फैक्ट्री संचालकों के समन्वय के जरिए फैक्ट्री को दक्ष कर्मियों की जरूरत और प्रशिक्षुओं को रोजगार सुनिश्चित कराने की बात सामने आई। अब इसी फार्मूले को लागू करने की तैयारी है।
 
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ट्रेड का चयन, प्रशिक्षण से लेकर रोजगार देने का सारा काम करेंगे फैक्ट्री संचालक

शासन ने हरिद्वार जिले में यह प्रयोग करने की तैयारी की है। जिले की सरकारी आईटीआई को यहां के फैक्ट्री संचालकों से एमओयू कर सौंप दिया जाएगा। फैक्ट्री संचालक ही हरिद्वार जिले में लगे उद्योगों के हिसाब से कोर्स डिजाइन कर सारी व्यवस्था सीएसआर फंड से करेंगे।

अगर खर्च ज्यादा आएगा, तो राज्य सरकार उसका वहन करेगी। इन आईटीआई में केवल निश्चित परिधि क्षेत्र में आने वाले आवेदकों को ही प्रवेश दिया जाएगा। हालांकि इस पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है।

ब्रिटेन में क्षेत्रवार फैक्ट्रियों की जरूरत के हिसाब से ट्रेड संचालित होते हैं और प्रशिक्षु तैयार होते हैं। ट्रेड का चयन, प्रशिक्षण से लेकर रोजगार देने का सारा काम फैक्ट्री संचालक ही करते हैं। अब प्रदेश में इस व्यवस्था को आजमाने का फैसला किया गया है। प्रयोग के तौर पर हरिद्वार जिले में लागू किया जाएगा, अगर सफलता मिली तो उसे राज्य के अन्य हिस्सों में लागू किया जाएगा। - डॉ. पंकज कुमार पांडेय, अपर सचिव तकनीकी शिक्षा
 
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