देहरादून जिले की सेलाकुई नगर पंचायत के वजूद पर छाया संकट हट गया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सेलाकुई नगर पंचायत के गठन पर नए सिरे से अधिसूचना जारी करने के आदेश दिए हैं।
इस साल की शुरुआत में एक रिट के बाद हाईकोर्ट ने सेलाकुई को लेकर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। इसी वजह से सेलाकुई नगर पंचायत में चुनाव नहीं कराए जा सके थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार अब अधिसूचना की तैयारी कर रही है। इसके बाद इस नगर पंचायत के गठन को लेकर लोगों की आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। बाद में इसकी सुनवाई होगी।
सेलाकुई नगर पंचायत का गठन हरीश रावत सरकार ने 24 नवंबर 2015 को किया था। तीन साल तक इस नगर पंचायत का संचालन होता रहा। लेकिन इसी साल नगर निकाय चुनाव से पहले निकायों की सीमा विस्तार की प्रक्रिया शुरू हुई, सेलाकुई का मामला हाईकोर्ट में चला गया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि सेलाकुई के गठन के सिलसिले में आपत्तियों की सुनवाई की प्रक्रिया को नहीं अपनाया गया है।
हाईकोर्ट ने इस रिट पर फैसला सुरक्षित रखा था। साथ ही राज्य सरकार से कहा था कि वह सेलाकुई निकाय को लेकर कोई भी अधिसूचना जारी न करे। इस वजह से निकाय चुनाव की प्रक्रिया से सेलाकुई बाहर रहा। अब हाईकोर्ट ने नगर पंचायत गठन की अधिसूचना नए सिरे से जारी करने को कहा है। सूत्रों के अनुसार शहरी विकास विभाग को हाईकोर्ट का आदेश प्राप्त हो गया है।
सेलाकुई नगर पंचायत का लेखा जोखा
2015 में हुआ था दून जिले की सेलाकुई नगर पंचायत का गठन
16,880 की जनसंख्या इस नगर पंचायत के अंतर्गत रहती है
12.87 वर्ग किमी. क्षेत्रफल में फैली है यह नगर पंचायत