व्यासभूड़ गांव में गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग पर वन विभाग के प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञ
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चकराता वन प्रभाग के व्यासभूड़ गांव में गुलदार के आतंक से ग्रामीणों को जान-माल का खतरा सता रहा है। लोगों को रातभर जागकर मवेशियों की रक्षा करनी पड़ रही है। एक माह में गुलदार करीब 12 से अधिक मवेशियों को निवाला बना चुका है। गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग पर ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से डीएफओ को ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में कहा गया कि गांव के आसपास जंगल होने के कारण गुलदार की मूवमेंट होने से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। एक महीने में गुलदार कई मवेशियों को निवाला बना चुका है। बार-बार मवेशियों का निशाना बनाए जाने से पशुपालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा होने लगा है। उन्होंने गुलदार को पकड़कर अन्यत्र छोड़ने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में मनीष शर्मा, गजेंद्र जोशी, संतराम, अरविंद शर्मा, प्रदीप, आशीष पंवार, कुलदीप चौहान, दीवान नौटियाल, पवन, सुनील, गुड्डू शर्मा आदि मौजूद रहे।
वहीं, रिवर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बीडी सकलानी ने बताया कि संबंधित वनकर्मियों को गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों को भी चौकन्ना रहने और मवेशियों को खुला नहीं छोड़ने को कहा गया है।