तीर्थनगरी के अधिवक्ताओं ने कोर्ट में राष्ट्र विरोधी नारेबाजी के मामले में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी पर देशद्रोह का परिवाद दायर किया है। मामले की अगली सुनवाई दो अप्रैल को मुकर्रर की गई है।
मंगलवार को परिवादी अधिवक्ता अजय कथूरिया, कपिल शर्मा, अजय सिंह वर्मा ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में नौ फरवरी को जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली में राष्ट्रविरोधी नारेबाजी करने वाले कन्हैया कुमार और 13 मार्च को एक जनसभा में सार्वजनिक रूप से ‘मैं भारत माता की जय नहीं बोलूंगा’ कहने वाले एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ वाद दायर किया।
सैनिकों का मनोबल गिराने का आरोप
दायर याचिका में परिवादी पक्ष ने बताया कि कन्हैया और ओवैसी के राष्ट्रविरोधी बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों को मानसिक रूप से कमजोर कर उनके मनोबल को गिराने का खुलेआम षड्यंत्र रचा है। ऐसे देशद्रोहियों पर कड़ी कार्रवाई हो और उन्हें कोर्ट में तलब किया जाए।
परिवादी अधिवक्ता अजय कथूरिया ने बताया कि कोर्ट ने परिवाद दर्ज कर लिया है और अग्रिम कार्रवाई के लिए दो अप्रैल की तिथि निर्धारित की है।