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खतरनाक मोड़ों पर नहीं हैं सुरक्षा के इंतजाम

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कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं। - फोटो : VIKAS NAGAR
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लोनिवि की लापरवाही कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर सफर करने वाले लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। सड़क पर कई जगह ऐसी हैं जहां पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। गतदिवस चामड़चील के पास जिस जगह पर हादसा हुआ वह जगह भी डेंजर प्वाइंटों में से एक है। ऐसे में यदि यहां पैराफिट या क्रश वॉल लगे होते तो शायद पांचों युवक आज जिंदा होते। उनकी कार सही समय पर खाई में गिरने से रुक जाती।
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लंबे समय से ग्रामीण जौनसार बावर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले इस मोटर मार्ग पर क्रश वॉल और पैराफिट निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस ओर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस सड़क पर ककाड़ी खड्ड, चामड़चील, असनाड़ी, जजरेट, चापनू चौकी, कारगिल ढांग, शंभू की चौकी, तेलवाधार, खड़की ढूंग, हईया, सैंज, भुतिया घूम, कोरूवा, तंदावा समेत एक दर्जन से भी अधिक डेंजर प्वाइंट हैं। जहां पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। कई जगहों पर यात्रियों को आगाह करने के लिए रिफ्लेक्टर भी नहीं लगाए गए हैं। इस कारण रात के समय लोगों को सड़क का पता नहीं चल पाता और वह हादसे का शिकार हो जाते हैं।
स्थनीय निवासी अमर सिंह चौहान, राजेश, वीरेंद्र सिंह तोमर, अर्जुन सिंह तोमर, बलवीर सिंह राठौर आदि का कहना है कि बीते कुछ सालों में इस सड़क पर कई हादसे हो चुके हैं। इसमें हर बार हादसों का मुख्य कारण सड़क पर पैराफिट और क्रश वॉल का निर्माण न होना सामने आता है। इसके बावजूद विभाग कोई सुध नहीं लेता। हर बार विभाग की इस लापरवाही का खामियाजा लोगों को अपनी जान से हाथ धोकर चुकाना पड़ता है।
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मुख्य अभियंता एसके गोयल ने बताया कि मामले में संबंधित अधिशासी अभियंता को निर्देशित कर शीघ्र डेंजर प्वाइंट वाली जगहों पर रिफ्लेक्टर, पैराफिट और क्रश वॉल निर्माण के निर्देश दिए जाएंगे।
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इन सड़कों पर भी नहीं सुरक्षा के इंतजाम
कालसी-चकराता मोटर मार्ग के साथ ही हरिपुर-कोटी-इच्छाड़ी, साहिया-क्वानू, साहिया-समाल्टा-पानुवा, पानुवा-मसराड़, पाटा बैंड-माख्टी, चकराता-लखवाड़, चकराता-त्यूनी, साहिया-उद्पाल्टा, पजिटिलानी-ऊभरेऊ, पजिटिलानी-चंदोऊ-किशोऊ, चैता बेंड-लोरली-अस्टाड़, कोरुवा-मंगरोली, चकराता-लाखामांडल, माख्टी-अछेड़पुल पर भी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं।
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