फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dehradun News: हत्या जैसे संगीन अपराध का खुलासा करना राजस्व पुलिस के लिए चुनौती

विज्ञापन
विज्ञापन
Iअक्सर राजस्व पुलिस को ट्रांसफर करनी पड़ती है जांच, संसाधनों के अभाव में साक्ष्य एकत्र करने में आती हैं दिक्कतेंI
विज्ञापन




जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था अब भी संसाधन विहीन राजस्व पुलिस के कंधों पर है। हत्या जैसे संगीन अपराधों की जांच और खुलासा हमेशा राजस्व पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होती है। अक्सर जांच रेग्युलर पुलिस को हस्तांतरित करनी पड़ती है। संसाधनों के अभाव में राजस्व पुलिस घटना स्थल से साक्ष्य संकलन नहीं कर पाती, जबकि खुलासे और आरोपी को सजा दिलाने में फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट अहम भूमिका निभाती है।



जनजातीय क्षेत्र कालसी, चकराता और त्यूणी तीन तहसील क्षेत्र में बंटा है। कुल 373 राजस्व ग्राम हैं। ब्रिटिशकाल में चकराता थाना खोला गया। आजादी के बाद कालसी में चौकी खोली गई। इसे उच्चीकृत कर थाना बनाया गया। जनजातीय क्षेत्र में अपराधों में आई बढ़ोतरी और सुरक्षा की दृष्टि से वर्ष 2017 में त्यूणी में भी थाना खोला गया। थाने में 29, चकराता में 38 और कालसी थाना क्षेत्र में 95 ग्राम आते हैं। शेष राजस्व ग्रामों की सुरक्षा की जिम्मेदारी राजस्व पुलिस के पास है। राजस्व के कामकाज के साथ ही कानून व्यवस्था को देखना कई बार राजस्व पुलिस को मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


I
I

I
I

Iफिलहाल राजस्व पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है। राजस्व निरीक्षक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही जांच को रेग्युलर पुलिस को ट्रांसफर करने का कोई निर्णय लिया जाएगा।
I

Iहर गिरी गोस्वामी, एसडीएम कालसीI
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें