uttarakhand assembly monsoon session 2018
मानसून सत्र की शुरुआत उम्मीद के विपरीत रही। पहले दिन से सरकार को सदन में घेरने का विपक्ष का दावा बेदम दिखा। खासतौर पर महंगाई के जिस मुद्दे पर कांग्रेस कार्य स्थगन प्रस्ताव लेकर आई, उसके लिए होमवर्क कमजोर दिखा। विपक्ष ज्वलंत मुद्दे पर ट्रेजरी बेंच को चर्चा के लिए मजबूर नहीं कर पाया।
उलटा, संसदीय कार्यमंत्री के जवाब पर पलटवार की जगह विपक्ष को वॉकआउट का राह ज्यादा आसान प्रतीत हुई। सांकेतिक वॉकआउट से सत्ता पक्ष को पहले दिन ही वॉकओवर देकर विपक्ष ने आने वाले दिनों में बड़ी गहमागहमी की संभावना को कमजोर कर दिया।
विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष का दिखा आक्रामक रुख सदन में पहुंचने के बाद बदला-बदला नजर आया। सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ प्रश्नकाल में विपक्ष ने ट्रेजरी बैंच को घेरने की कोशिश की। विपक्ष के शुरुआती प्रयासों से लगा कि महंगाई पर विपक्ष का कार्य स्थगन प्रस्ताव सत्ता पक्ष को असहज करेगा। दोपहर बाद शुरू हुई कार्यवाही में विपक्ष महंगाई पर कार्य स्थगन प्रस्ताव लाया। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदेश ने मजबूत ढंग से महंगाई की बात रखी।
इंदिरा की बात को विधायक प्रीतम सिंह, गोविंद सिंह कुंजवाल और हरीश धामी ने आगे बढ़ाया। महंगाई के नाम पर पेट्रोल - डीजल और रसोई की अनियंत्रित कीमत से लेकर सीमांत क्षेत्रों में नमक सौ रुपये किलो तक मिलने की बात सदन में रखी गई।