देहरादून। डाइट देहरादून में आयोजित तीन दिवसीय कौशलम प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन के बाद माध्यमिक शिक्षकों ने टीईटी की बाध्यता के विरोध में प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने कहा कि वर्षों से राजकीय विद्यालयों में सेवाएं दे रहे अनुभवी और योग्य शिक्षकों पर बाद में नई पात्रता परीक्षा की बाध्यता लागू किए जाने से असंतोष है।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि टीईटी से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के संदर्भ और दायरे को स्पष्ट रूप से समझने की जरूरत है। 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की बाध्यता लागू करने के मामले में नियुक्ति के समय प्रभावी नियमों, संबंधित सेवा नियमावली और उनके लंबे सेवाकालीन अनुभव को ध्यान में रखा जाना चाहिए। कहा कि माध्यमिक शिक्षा के शिक्षक संवर्ग की परिस्थितियां प्राथमिक या एलीमेंट्री शिक्षा से अलग हैं। ऐसे में माध्यमिक शिक्षकों पर टीईटी की बाध्यता लागू करने से पहले इसके वैधानिक आधार और संबंधित सेवा नियमों की समीक्षा की जानी चाहिए।