bjp mla protest in uttarakhand assembly premises
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उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दूसरे दिन भाजपा ने सत्र का बहिष्कार कर दिया। नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट के नेतृत्व में सभी भाजपा विधायक विस के अंदर धरने पर बैठ गए। उधर, सदन की कार्यवाही जारी रही।
गुरुवार के हंगामे और विनियोग विधेयक पास होने के बाद सत्र के दूसरे दिन विपक्ष ने सत्र का बहिष्कार कर दिया। भाजपा के विधायक विधानसभा के अंदर सीढ़ियों पर मुंह पर काली पट्टी बांध कर धरने पर बैठ गए। जिसके बाद सभी विधानसभा भवन से चले गए।
शुक्रवार को विधानसभा सत्र से पहले भाजपा विधानमंडल दल की बैठक हुई, जिसमें सदन का बहिष्कार करने का फैसला लिया गया। नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट के नेतृत्व में भाजपा विधायक गणेश जोशी, पुष्कर सिंह धामी, मुन्ना सिंह चौहान, हरबंस कपूर, संजय गुप्ता, राजकुमार ठुकराल सहित अन्य विधायक मुंह पर पट्टी बांधकर धरने पर बैठ गए।
उत्तराखंड विधानसभा के दो दिवसीय सत्र का अंतिम दिन शुक्रवार को यानी आज है। शुक्रवार सुबह 10 बजे भाजपा विधानमंडल दल की मीटिंग बुलाई गई, जिसमें अगली रणनीति तय की गई।
गुरुवार को ही नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने बता दिया था कि वैसे हमारे अधिकांश विधायक अब सदन की कार्यवाही में भाग लेने के मूड में नहीं हैं, क्योंकि सदन गैर लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है।
भाजपा राज्य की जड़ों को खोखला करने का काम कर रही है
harish rawat in uttarakhand assembly
- फोटो : अमरउजाला
उधर, गुरुवार को सदन में हुए हंगामे पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि विपक्ष भ्रम की स्थिति पैदा कर रहा है। अविश्वास प्रस्ताव लंबित होने की स्थिति में स्पीकर ने खुद ही विधानसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता न करने की बात कह कर लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा का उदाहरण दिया है।
कहा कि विपक्ष अपने हिसाब से संविधान के अनुच्छेद 180 (2) और 181 की व्याख्या कर रहा है। सदन की अनुज्ञा के आधार पर जो पैनल बनाया गया है नव प्रभात उसके वरिष्ठ सदस्य हैं। अगर उनको अधिष्ठाता की जिम्मेदारी सौंपी गई तो इसमें गलती कहां है।
विधानसभा में बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान रावत ने कहा कि राजनीतिक प्रचार के मकसद से विपक्ष ने सदन में हंगामा किया। विपक्ष को पता था कि विधानसभा में महत्वपूर्ण विधेयक आ रहे हैं इसको लेकर हंगामा किया गया। भाजपा राज्य की जड़ों को खोखला करने का काम कर रही है।
स्पीकर के खिलाफ लंबित अविश्वास प्रस्ताव पर फिलहाल कोई फैसला नहीं लेने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के हर आदेश का सम्मान किया जाएगा, अगर इस मामले को लेकर न्यायालय का कोई फैसला आता है तो उस पर भी अमल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को सदन में लोकतंत्र की परंपरा के मुताबिक व्यवहार करना चाहिए था। विपक्ष को जो भी बात कहनी थी वह सदन के अंदर भी कह सकते थे। वाक आउट करके चले गए। आने वाली पीढ़ियों में क्या संदेश जाएगा? विपक्ष की ओर से जो बात कही जा रही है वह आधी अधूरी हैं।