पहले दिन उत्तराखंड में ट्रेड यूनियनों, बैंक, बीमा कर्मचारियों, आयकर कर्मचारियों, बिजली कर्मचारियों, रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। बुधवार को भी हड़ताल जारी रहेगी।
एक ओर बैंकों की हड़ताल की वजह से बैंकों से जुड़े कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए। एसबीआई और इंडियन ओवरसीज बैंक को छोड़कर बाकी सभी बैंक बंद रहे। आयकर विभाग में भी कर्मचारियों ने मुख्य आयकर आयुक्त कार्यालय के सामने धरना दिया। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने यूपीसीएल मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।
रोडवेज कर्मचारियों ने कार्यशाला में प्रदर्शन किया। ट्रेड यूनियनों और बैंक कर्मचारियों ने गांधी पार्क पर प्रदर्शन किया। ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों ने अपने मुख्य कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। बैंकों की हड़ताल की वजह से उत्तराखंड में करीब पांच हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ।
बैंक हड़ताल से पहले दिन 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल उत्तराखंड के बैंकों की हड़ताल से पहले दिन 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा। हड़ताल में प्रदेशभर से 1200 शाखाओं के 5000 कर्मचारी शामिल हुए। इस वजह से बैंकों में कामकाज बुरी तरह से प्रभावित रहा।
उत्तरांचल बैंक इंप्लाइज यूनियन के संयोजन में सभी बैंकों के कर्मचारी मंगलवार को पहले राजपुर रोड स्थित केनरा बैंक के कार्यालय पर एकत्र हुए। प्रदर्शन के बाद वहां से जुलूस की शक्ल में गांधी पार्क पहुंचे। यहां ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर प्रदर्शन में शामिल हुए।
बैंक इंप्लाइज यूनियन के संयोजक जगमोहन मेंदीरत्ता ने कहा कि सरकार आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्तियां कर रही है। बैंकों के निजीकरण के प्रयास किए जा रहे हैं। बैंकों के आपसी विलय के कारण कर्मचारी परेशान हैं। प्रदर्शन में भुवनेंद्र बिष्ट, राजेंद्र सिंह, सीके जोशी, एलएम बडोनी, विनय कुमार शर्मा, इंदर सिंह, उमेश क्षेत्री, राजन पुंडीर, सोहन सिंह रजवार, रेल कर्मचारी यूनियन के राजेंद्र गुसाईं, बीके ओझा, डीएन उनियाल, शेखर उनियाल, कुलदीप पंत आदि शामिल रहे।