दिल्ली में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह और नागरिक उड्डयन विभाग के अपर सचिव आर राजेश कुमार ने केंद्र सरकार के अफसरों के साथ इस योजना पर बात की। इसी दौरान योजना को सैद्घांतिक मंजूरी प्रदान की गई। नागरिक उड्डयन के अपर सचिव आर राजेश कुमार ने बताया कि जल्द ही अब केंद्र और राज्य के बीच एमओयू साइन करने की तैयारी है।
इसके बाद डीपीआर तैयार की जाएगी। इसमें एयर रूट से लेकर हेली एयर ड्रोम, उपकरण तमाम सारी बातों की स्थिति साफ की जाएगी। उन्होंने कहा कि सी प्लेन की खरीद के संबंध में भी इसके बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
ढाई एकड़ जमीन देने का पहले ही निर्णय
इस योजना के लिए ढाई एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का राज्य सरकार पहले ही निर्णय ले चुकी है। साथ ही ये व्यवस्था भी की जा रही है कि यदि अपेक्षित पर्यटक नहीं पहुंचे और नुकसान होता है तो 80 फीसदी क्षतिपूर्ति केंद्र और 20 फीसदी राज्य सरकार करेगी। राज्य सरकार को उम्मीद है कि सी प्लेन योजना टिहरी झील के प्रमोशन के साथ ही पर्यटन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।