केदारनाथ धाम में यात्रा ड्यूटी में असमर्थता जताते हुए उपजिलाधिकारी/यात्रा मजिस्ट्रेट गौरव चटवाल ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने इस संबंध में अपर मुख्य सचिव कार्मिक के नाम लिखा पत्र जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल को भेजा था, जिसे जिलाधिकारी ने शासन को भेज दिया है।
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जनपद नैनीताल की कोश्या कुटौली तहसील में तैनात रुड़की निवासी उपजिलाधिकारी चटवाल को विगत 16 मई को नैनीताल के जिलाधिकारी द्वारा केदारनाथ यात्रा के लिए कार्यमुक्त किया गया था। एसडीएम द्वारा 17 मई को धाम पहुंचने की सूचना दे दी गई थी, लेकिन ज्वाइनिंग के संबंध में कोई लिखित आख्या जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को प्रस्तुत नहीं की गई।
18/19 मई को धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रमण के चलते जिलाधिकारी द्वारा उन्हें वीआईपी ड्यूटी का जिम्मा सौंपा गया था। चटवाल ने 17 मई से 30 मई तक केदारनाथ में बतौर यात्रा मजिस्ट्रेट के रूप में अपनी ड्यूटी का निर्वहन किया, लेकिन बीती 31 मई को यकायक उन्होंने केदारनाथ में ड्यूटी करने से हाथ खड़े कर दिए।
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अपर मुख्य सचिव (कार्मिक) को संबोधित अपना त्यागपत्र उन्होंने जिलाधिकारी को भेज दिया। पत्र में उन्होंने केदारनाथ में यात्रा ड्यूटी में असमर्थता जताते हुए अपने पद से त्यागपत्र देने की बात कही है। यही नहीं पत्र भेजने के बाद वह जिलाधिकारी से मिले बिना ही अपने घर के लिए रवाना हो गए। डीएम घिल्डियाल ने बताया कि चटवाल का पत्र उत्तराखंड शासन को भेज दिया गया है।