बहुचर्चित चारा घोटाले में कुमाऊं के वाहनों को भी शामिल कर लिया गया था, जिन वाहनों से फर्जी तरीके से वाहनों पर चारा ढोना दिखाया गया था, उसमें कई वाहन अल्मोड़ा और नैनीताल जिले के थे।
इसी मामले में जांच के दौरान परिवहन अधिकारियों की गवाही से लेकर अभिलेख भी सीबीआई ने तलब किए थे। चारा घोटाले की जांच शुरू हुई थी तो चारा ढुलान में लगे वाहनों के बारे में भी पता करना शुरू किया गया।
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फर्जी तरीके से ट्रक दिखाया
उसमें तत्कालीन यूपी के अल्मोड़ा जिले के यूपी-01 और नैनीताल जिले के यूपी-02 सीरीज के नंबरों के वाहनों का पता चला। बाद में जांच एजेंसी ने वाहनों का सत्यापन करने के लिए संभागीय परिवहन कार्यालय हल्द्वानी से संपर्क साधा था।
उस समय जांच एजेंसी ने 80 वाहनों के नंबर परिवहन अधिकारियों को दिए थे। सूत्रों के अनुसार परिवहन विभाग की जांच में से कई वाहनों के नंबर स्कूटर, मोटर साइकिल के निकले थे, जिनको फर्जी तरीके से ट्रक में दिखाया गया था।
परिवहन अधिकारियों की गवाही
बाद में यह रिपोर्ट, वाहनों के अभिलेख आदि जांच एजेंसी को भेजी गई। इस गोपनीय रिपोर्ट को लेकर खुद परिवहन विभाग के अधिकारी गए। मामले में बीच-बीच में परिवहन अधिकारियों की गवाही हुई थी। हालांकि, इस मामले में अब भी अधिकारी स्पष्ट तौर पर बोलने से बचते ही रहे।