फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने तैयार किया इको फ्रेंडली सैनिटाइजर डिस्पेंसर

विज्ञापन
विज्ञापन
माय सिटी रिपोर्टर देहरादून कोरोना बीमारी से निपटने को लेकर जहां देश, दुनिया में लाखों वैज्ञानिक दिनरात कोरोना वायरस की वैक्सीन इजाद करने में लगे हैं, वही वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने बांस की मदद से इको फ्रेंडली सैनिटाइजर डिस्पेंसर तैयार करने में सफलता हासिल की है। दिलचस्प पहलू यह है कि जहां कई सैनिटाइजर डिस्पेंसर की निर्माण लागत हजारों रुपए में है, वही बांस से तैयार होने वाले इको फ्रेंडली सेनेटाइजर डिस्पेंसर की निर्माण लागत महज सौ रुपये है। संस्थान के वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि इसे बढ़ावा दिया जाए तो देश के लाखों किसानों की आर्थिकी को भी सुधारा जा सकता है। बता दें कि वन अनुसंधान संस्थान के निदेशक अरुण सिंह रावत ने संस्थान के वैज्ञानिकों से अनुरोध किया था कि वे कोरोना बीमारी से निपटने को लेकर अपने स्तर पर भी कोई योगदान दें। आखिरकार इसी कड़ी में संस्थान के वैज्ञानिकों ने बांस की मदद से इकोफ्रेंडली सेनेटाइजर डिस्पेंसर तैयार किया। संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ अजय ठाकुर की टीम ने बांस की मदद से इको फ्रेंडली सेनीटाइजर डिस्पेंसर तैयार किया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ अजय ठाकुर के मुताबिक इको फ्रेंडली सेनीटाइजर डिस्पेंसर तैयार करने मैं सिर्फ बांस का प्रयोग किया गया है। जो पूरी तरह से सुरक्षित है। फिलहाल इको फ्रेंडली सेनीटाइजर डिस्पेंसर को केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से जुड़े कई संस्थानों को भेजा गया है। इतना ही नहीं संस्थान की ओर से इसे पेटेंट कराने की भी तैयारी है। जिसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ अजय ठाकुर का कहना है कि यदि बांस से बने इकोफ्रेंडली सेनेटाइजर डिस्पेंसर का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाता है तो इससे देश की लाखों किसानों की आर्थिकी को सुधारने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें