शिक्षा विभाग की ओर से पर्वतीय क्षेत्रों से मैदानी इलाकों में किए जा रहे शिक्षकों के लगातार तबादलों से चकराता और कालसी ब्लॉक की शिक्षा व्यवस्था चरमराने लगी है। समायोजन और अनुरोध के आधार पर हो रहे इन तबादलों के कारण कई स्कूल एकल शिक्षक के भरोसे रह गए हैं, जबकि कुछ शिक्षक-विहीन होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
क्षेत्र पंचायत संगठन के प्रदेश संयोजक राकेश तोमर उत्तराखंडी ने इस पर कड़ा रोष जताते हुए कहा कि शिक्षकों के अभाव में ग्रामीण नौनिहालों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अभिभावक बच्चों को निजी स्कूलों में भेजने को मजबूर हैं। एक ओर विभाग जिले में पद रिक्त न होने का हवाला देकर नई नियुक्तियां नहीं कर रहा, वहीं तबादलों से पद खाली हो रहे हैं। उन्होंने चकराता और कालसी के स्कूलों का तत्काल आकलन कर शिक्षकों की तैनाती की मांग की है। चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो जिलाधिकारी से वार्ता के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) का घेराव किया जाएगा।