निजी शिक्षण संस्थानों की ओर से एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने में की जा रही आनाकानी पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए एसडीएम के माध्यम से शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा। लोगों ने कहा कि कुछ शिक्षण संस्थानों की ओर से अभिभावकों का शोषण किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री को भेजे ज्ञापन में लोगों ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से अन्य पाठ्यक्रम की पुस्तकें लागू नहीं करने के आदेश के बावजूद कई शिक्षण संस्थान संचालक इन दिनों विद्यालय में स्टॉल लगा कर किताबें बेच रहे हैं।
निजी शिक्षण संस्थानों की हठधर्मिता से जाहिर है कि इन संस्थानों के मालिक छात्रों के भविष्य के बजाय निजी हित को वरीयता दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि निजी शिक्षण संस्थान शिक्षण के बजाय शिक्षा का बाजारीकरण करने पर उतारू हैं।
संस्थान में ही दुकान खोलकर ड्रेस व किताबों के साथ ही टिफिन बाक्स और अन्य सामग्री बेची जा रही है। जबकि, कुछ संस्थान संचालक निश्चित दुकान से पाठ्य पुस्तक व अन्य सामग्री खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य कर रहे हैं।