कंगसाली से स्कूली बच्चों को लेकर मदननेगी स्थित ऐंजल्स इंटरनेशनल स्कूल जा रही मैक्सी कैब एटोला नामे तोक में अनियंत्रित होकर 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे का पता चलते ही गांव में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन और गांव के लोग दुर्घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। उन्होंने खाई में उतर कर बुरी तरह से घायल बच्चों को सड़क तक पहुंचाया, लेकिन तब तक नौ बच्चे घटनास्थल पर ही दम तोड़ चुके थे।
इनमें ऋषम (5) पुत्र जस्सी, अयान (4) पुत्र अतर सिंह, आदित्य (8) पुत्र अरविंद, विहान (5) पुत्र अयजपाल सिंह, इशान (6) पुत्र दर्मियान सिंह, अभिनव (6) पुत्र सोबन सिंह, साहिल (13) पुत्र विशन सिंह, आदित्य (10) पुत्र अरविंद सिंह, वंश (5) पुत्र प्रवीन सिंह शामिल हैं।
घायलों को निजी वाहन और एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद गंभीर रूप से घायल चार बच्चों को एंबुलेंस से चंबा पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पहुंचाकर एयर लिफ्ट से और एक बच्चे को एंबुलेंस से ऋषिकेश एम्स रेफर किया गया था।
कंगसाली में हुई स्कूल वाहन दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल कृष्णा (6) पुत्र राकेश, प्रिंस (9) पुत्र जसवीर, अखिलेश (7) पुत्र अरविंद सिंह, सूरज (7) पुत्र मनोज सिंह और कान्हा (8) पुत्र उम्मेद सिंह को एंबुलेंस और निजी वाहनों से जिला चिकित्सालय बौराड़ी लाया गया था। सभी की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार देने के बाद चार बच्चों को एयर लिफ्ट से और एक बच्चे को एंबुलेंस से ऋषिकेश एम्स रेफर किया गया। जिसमें से आज सूरज की मौत हो गई।
दुर्घटना में घायल आशीष (10) पुत्र विनोद सिंह, नैतिक (2) पुत्र प्रवीन सिंह, वेदिका (5) पुत्री हिमांशु, सिद्धार्थ (6) पुत्र मनोज सिंह, ऋषभ (7) पुत्र रमेश सिंह को जिला चिकित्सालय बौराड़ी में भर्ती कराया गया है। सीएमएस डा. अमित राय ने बताया कि उपचार के बाद घायल सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर है। घायल इशिका (7) पुत्री रणवीर सिंह को परिजन घटनास्थल से ही श्रीनगर अस्पताल ले गए। वहीं ऋषिकेश एम्स की इमरजेंसी में तैनात कर्मियों के व्यवहार पर बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने कड़ी नाराजगी जताई है। बुधवार को एम्स पहुंचीं ऊषा नेगी ने मौजूदा कर्मियों को जमकर फटकार लगाई।
इस दौरान उन्होंने एम्स प्रशासन पर मेल और संदेशों का जवाब न देने का आरोप लगाया। बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष के आने की सूचना मिलने पर आननफानन एम्स के कानूनी सलाहकार प्रदीप पांडे, जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल, डीएमएस डॉ. प्रेरणा मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली। इस दौरान ऊषा नेगी ने एम्स के चिकित्साधीक्षक से घायलों के संबंध में जानकारी ली और परिजनों से बात की। इस मौके पर तहसीलदार रेखा आर्य, कृपाल सिंह चौहान, ओएसडी कमल गुप्ता भी उपस्थित रहे।
बातचीत में भर्ती बच्चों के परजिनों ने एम्स में ठहरने के इंतजाम को लेकर समस्या बताई। इस पर अध्यक्ष ऊषा नेगी ने तहसीलदार रेखा आर्य को परिजनों को ठहराने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए।
हालचाल जानने के दौरान कुछ परिजनों ने कई बच्चों के टिहरी अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। इसके बाद ऊषा नेगी ने एम्स चिकित्साधीक्षक से वार्ता की। एम्स प्रशासन ने घायल बच्चों को भर्ती करने के लिए हामी भरी। इस पर ऊषा नेगी ने जिलाधिकारी टिहरी से वार्ता कर बाकी घायल बच्चों को इलाज के लिए जल्द एम्स भेजने को कहा है।
हर संभव मदद की जाएगी
बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि सरकार घायल बच्चों के इलाज के लिए हर संभव प्रयास में लगी है। उन्होंने घायल बच्चों के अभिभावकों से बिना डॉक्टर की सलाह के कुछ कार्य न करने के लिए कहा है। इसके अलावा इस प्रकार की घटनाओं पर लगाम लगे इसके लिए अभिभावकों से सजग रहने की अपील की।
मदननेगी के ऐंजल्स इंटरनेशल स्कूल की मान्यता को लेकर स्थानीय विधायक विजय सिंह पंवार और जाखणीधार के उप खंड शिक्षा अधिकारी धनवीर सिंह का ऑडियो सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल हो रहा है। इस ऑडियो में विधायक स्कूल की मान्यता को लेकर एबीईओ को निर्देश दे रहे हैं कि स्कूल को मान्यता दें, लेकिन एबीईओ स्पष्ट कह रहे हैं स्कूल मानकों को पूरा नहीं करता है।
मान्यता देने के लिए अनावश्यक राजनैतिक दबाव न बनाएं। विधायक कह रहे हैं कि मदननेगी क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था ठीक नहीं है। इसलिए ऐंजल्स इंटरनेशल स्कूल को मान्यता दी जाए। जिस पर एबीईओ कह रहे हैं कि यह सरासर गलत आरोप है। वहां पर सरकारी मॉडल स्कूल संचालित हो रहा है। जिसमें सभी प्रकार की सुविधाएं हैं। पांच क्वालीफाई शिक्षक तैनात हैं। राजनैतिक दबाव में ही ऐंजल्स इंटरनेशल स्कूल की वैन 20 बच्चों को एक साथ ढो रही थी। इस बाबत विधायक विजय सिंह पंवार का कहना है कि जन प्रतिनिधि होने के नाते स्कूल प्रबंधन के निवेदन पर एबीईओ को मान्यता के लिए बोला था। मान्यता दिलाने में क्या बुराई है।