दून में स्कूल के लिए घर से निकले चौथी कक्षा के छात्र को मौत ने थोड़ी ही दूरी पर दबोच लिया।
जिस विक्रम से वह स्कूल जा रहा था उसके पहिये के नीचे अचानक एक पत्थर आ गया और वह उछल गया। इस पर आगे बैठा मासूम छिटकर सड़क पर गिर गया। बाद में विक्रम मासूम के ऊपर पलट गया।
जब तक घायल बच्चे को अस्पताल पहुंचाया जाता वह सभी को अलविदा कह चुका था। विक्रम में बच्चे के दो दोस्त भी सवार थे, लेकिन उन्हें कोई चोट नहीं लगी। चालक भी सुरक्षित है।
आढ़त बाजार स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया में कार्यरत मनोज नौटियाल का घर सरस्वती विहार में है। मनोज का दस वर्षीय बेटा आयुष्मान दून इंटरनेशनल स्कूल में चौथी कक्षा का छात्र था। सोमवार सुबह वह हर दिन की तरह स्कूल के लिए निकला।
कालोनी के ही दो और छात्र उसके साथ थे। तीनों उस विक्रम में सवार हो गए, जिसमें वे हर रोज स्कूल जाते थे। घर से कुछ दूरी पर अचानक विक्रम के पहिये के नीचे बड़ा पत्थर आ गया और वह सड़क पर पलट गया।
आयुष्मान विक्रम के नीचे दब गया। लोगों ने उसे सीएमआई अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे में आयुष्मान के दोनों सहपाठियों और चालक को चोट नहीं आई। पंचायतनामा भरने वाले पुलिस अधिकारी रंजीत राम ने बताया कि मनोज ने विक्रम चालक के खिलाफ तहरीर देने से इनकार कर दिया।
पहली बार बैठा अगली सीट पर
परिजनों के मुताबिक आयुष्मान सोमवार को पहली बार चालक के बगल वाली सीट पर बैठा था। उसके दोनों साथी पीछे बैठे थे। विक्रम के पत्थर पर चढ़ने की वजह से उछलते ही आयुष्मान सीट से छिटककर सड़क पर गिर गया। बाद में उसके ऊपर विक्रम पलट गया और वह उसके नीचे दब गया।
मां का बुरा हाल, बहन पूछ रही भैया कहां?
आयुष्मान की मां ने हादसे से चंद मिनट पहले बेटे को विक्रम में बैठाया था। बेटे ने मुस्कुराते हुए मां को बाय कहा था। लेकिन तब मां को मालूम नहीं था कि उसका चिराग चंद पलों में उससे दूर हो जाएगा।
हादसे के बाद से मां का बुरा हाल है। वह बार-बार बेसुध हो रही हैं। छोटी बहन की समझ में नहीं आ रहा कि भैया को क्या हुआ। वह मां-पापा से बार-बार पूछती रही कि भैया घर कब आएंगे?