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Dehradun: कागज, पेंसिल और कलर के साथ स्कूलों की फीस भी बढ़ी, चिंता में अभिभावक

Fri, 24 Mar 2023 04:25 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून

सार

इस बार राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबें 20 फीसदी तक महंगी हो गई हैं। वहीं, कागज के दाम बढ़ गए हैं। ऐसे में अब 100 पेज की 50 रुपये वाली कॉपी भी 65 रुपये में मिल रही है।
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रुपये(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : i stock
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विस्तार
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स्कूलों में एक अप्रैल से नया सत्र शुरू होने जा रहा है। इस बार कॉपी, किताबें महंगी होने के साथ निजी स्कूलों की ओर से फीस में भी बढ़ोतरी की जा रही है। ऐसे में अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है।

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जानकारी के मुताबिक, इस बार राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबें 20 फीसदी तक महंगी हो गई हैं। वहीं, कागज के दाम बढ़ गए हैं। ऐसे में अब 100 पेज की 50 रुपये वाली कॉपी भी 65 रुपये में मिल रही है। यही नहीं, कागज के साथ पेन, पेंसिल और कलर के दाम भी बढ़ गए हैं। साथ ही निजी स्कूलों में 10 फीसदी तक फीस में बढ़ोतरी की जा रही है। इसके अलावा कुछ स्कूल एडमिशन और वार्षिक फीस के नाम पर आठ हजार रुपये अभिभावकों से ले रहे हैं। कुछ स्कूलों ने ट्यूशन फीस में 10 फीसदी तक बढ़ोतरी की है। कई स्कूलों ने मार्च में ही अप्रैल की एडवांस फीस जमा करवा ली है।

तहसील चौक स्थित स्टेशनरी की दुकान पर काम करने वाले अनुज ने बताया कि कागज के साथ ही पेन, पेंसिल की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है। इस बार कागज पर 28 फीसदी जीएसटी लगी है। ऐसे में लोगों को अधिक कीमत देकर कॉपी या किताब खरीदनी पड़ेगी। वहीं, पांच रुपये वाली पेंसिल अब सात रुपये की और 10 वाला पेन 12 का मिलने लगा है।
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ऑनलाइन नोट्स से कम हुआ कागज का इस्तेमाल -
तहसील चौक स्थित दुकानदार ने बताया कि कोरोना काल के बाद स्टेशनरी की दुकान पर बिक्री कम हो गई है। कोरोना काल के बाद लोग कॉपियों में कम और ऑनलाइन नोट्स ज्यादा बनाते हैं।

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इन चीजों के दाम में हुई बढ़ोतरी 
- 5 रुपये वाली पेंसिल सात रुपये की हो गई।
- 10 रुपये वाले पेन 12 के हो गए।
- पेंसिल के पैकेट पर 10 से 20 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
- 50 रुपये वाला पेन का पैकेट 60 का हो गया।
- 10 रुपये वाले कलर 12 रुपये के हो गए।
- 50 रुपये वाली कॉपी अब 65 रुपये में मिल रही है।
(ये दाम तहसील चौक स्थित स्टेशनरी के दुकानदार के मुताबिक हैं)

हर साल महंगाई बढ़ती है ऐसे में फीस नहीं बढ़ेगी तो खर्चे कैसे निकलेंगे। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर है कि निजी स्कूल 10 प्रतिशत फीस हर साल बढ़ा सकते हैं।
- प्रेम कश्यप, अध्यक्ष, प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन

निजी स्कूल फीस बढ़ा रहे हैं या ड्रेस बदल रहे हैं तो ऐसे स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने की जरूरत नहीं है। सरकारी स्कूल काफी बेहतर हैं, यहां शिक्षक भी अच्छे हैं। ऐसे में बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएं। यहां सब निशुल्क मिलता है।
- प्रदीप कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून
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