खान कॉलोनी लिंठ्यूड़ा निवासी अली खान का छह वर्षीय पुत्र दारेन एशियन स्कूल में नर्सरी में पढ़ता था। बड़ा बेटा कासिम अली इसी स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र है और पत्नी नसीम बानो भी यहां शिक्षिका हैं।
शुक्रवार अपराह्न साढ़े तीन बजे दारेन बस में सवार होने के लिए जैसे ही स्कूल के गेट से बाहर निकला तो स्कूल की बस ने उसे टक्कर मारकर गिरा दिया। बड़े भाई कासिम ने शोर मचाया, लेकिन चालक नहीं रुका।
इससे दारेन बस के पिछले टायर के नीचे आ गया। इस बीच कासिम ने टायरों के बीच हाथ डालकर भाई को बचाने की कोशिश भी की, लेकिन वह नाकाम रहा। चिल्लाने की आवाज सुनकर बच्चों की मां नसीम बानो भी बाहर आ गईं।
इस पर भी चालक नहीं रुका। नसीमा बानो किसी व्यक्ति की बाइक पर दोनों बच्चों को लेकर तत्काल अस्पताल पहुंचीं, लेकिन तब तक दारेन दम तोड़ चुका था। बच्चे की मौत की जानकारी मिलते ही पालिकाध्यक्ष राजेंद्र रावत, पूर्व पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती समेत सैकड़ों लोग जिला अस्पताल पहुंच गए।
लोगों ने विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस अधीक्षक आरसी राजगुरु, सीओ शेखर सुयाल दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित भीड़ को शांत कराया। बच्चे का शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखा गया है।