अगर आप भी समाज कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति लेते हैं। तो यह खबर आपके लिए है। सरकार ने इसके लिए एक नया फरमान जारी किया है। अब छात्रों को छात्रवृत्ति का पैसा यूं ही नहीं मिलेगा। इसके लिए कुछ बदलाव किए गए हैं।
विधानसभा में कार्यस्थगन के दौरान मंगलवार को छात्रवृत्ति का मुद्दा गरमाया। भगवानपुर की विधायक ममता राकेश ने सदन में चिंता जाहिर की कि छात्रवृत्ति का आवंटन न होने से छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस पर समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य ने सदन को जानकारी दी कि तकनीकी खामी की वजह से छात्रवृत्ति की 40.65 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में जिलाधिकारियों के सत्यापन के बाद ही सरकार छात्रवृत्ति का आवंटन करेगी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 में 72351 एससी छात्रों ने 94.26 करोड़ रुपये,16,994 एसटी छात्रों ने 32.33 करोड़ रुपये और 29552 ओबीसी वर्ग के छात्रों ने 37.61 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति के लिए आनलाइन आवेदन किए हैं।
केंद्र सरकार को 126.98 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें गत वर्षों की देयता भी शामिल थी। लेकिन केंद्र ने धनराशि का आवंटन नहीं किया। छात्रवृत्ति के आवंटन में हो रही देरी के बारे में उन्होंने कहा कि दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 के लंबित छात्रवृत्ति के भुगतान के लिए 24.37 करोड़ रुपये अवमुक्त की गई है।
इन वर्षों शेष छात्रों को छात्रवृत्ति का भुगतान डीएम के सत्यापन के बाद किया जाएगा। उन्होंने बताया कि साफ्टवेयर में तकनीकी खामी की वजह से 89.56 करोड़ रुपये में से 40.65 करोड़ रुपये की राशि खर्च नहीं हो सकी।