समाज कल्याण विभाग से एसटी, एससी और ओबीसी के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति कॉलेजों और विवि की मनमानी से अटक गई है। प्रदेश भर के विभिन्न कॉलेजों और विवि में वर्ष 2019-20 के सत्र के 25 हजार से अधिक छात्रों की छात्रवृत्ति सत्यापन की फाइलें अटकी हुई हैं। जिसके चलते छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आवेदनों का ऑनलाइन पोर्टल पर सत्यापन किया जाता है
बीते लंबे समय से विभिन्न छात्र संगठन छात्रवृत्ति न मिलने के विरोध में समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन कॉलेज-विवि प्रबंधन छात्रवृत्ति की फाइलों का सत्यापन नहीं कर रहे हैं। छात्रवृत्ति के लिए किए जाने वाले आवेदनों का ऑनलाइन पोर्टल पर सत्यापन किया जाता है। जिसकी तिथि समाप्त हो गई है।
ऐसे में कॉलेज-विवि की लापरवाही छात्रों में भारी पड़ सकती है। छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन की ओर से फीस जमा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को छात्रवृत्ति न मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश भर के कॉलेजों और विवि में साल 2019-20 सत्र के लिए 25406 फाइलों का सत्यापन नहीं किया गया है। जिसमें सबसे अधिक अल्मोड़ा जिले में तीन हजार से अधिक फाइलें अटकी हुई हैं। जबकि देहरादून दूसरे नंबर पर हैं, जहां 25 हजार से अधिक फाइलों का सत्यापन नहीं हो पाया है। सबसे कम चंपावत जिले में 917 सत्यापन की फाइलें अटकी हुई हैं।
छात्रवृति के लिए करीब 20 हजार से अधिक आवेदन मिले थे। कॉलेज और विवि प्रबंधन की ओर से जिन फाइलों का सत्यापन नहीं किया गया है उन छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पाएगी। हालांकि विभाग ने अपनी ओर से सभी फाइलों का सत्यापन कर लिया है। छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर सत्यापन किया जाता है। जिसकी तिथि भी निकल गई है।
-हेमलता पांडेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी।