तब से मामले की गहन विवेचना चल रही थी। उन्होंने बताया कि गहन विवेचना से अभियोग में न्यू शिवपुरी हापुड़ उत्तर प्रदेश निवासी मोनार्ड यूनिवर्सिटी के कर्मचारी अनुज गुप्ता पुत्र स्व. हरीश गुप्ता की संलिप्तता पाई गई। यही व्यक्ति रानीखेत के विद्यालयों से छात्रवृत्ति के फर्जी आवेदन भरकर ले गया था। इसके बाद ना ही बच्चों को छात्रवृत्ति मिली और ना ही कोई कोर्स कराया गया।
संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी गई। इस कार्य में साइबर सैल में नियुक्त कांस्टेबल मोहन बोरा, कांस्टेबल दिलीप, कांस्टेबल दीप चंद्र ने भी सहयोग किया। 21 मई को अनुज गुप्ता को हापुड़ से गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके बाद आज उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
कोरोना काल में पुलिस के अधिकारी कर्मचारी कड़ी मेहनत कर रहे हैं। संक्रमण के इस दौर में कई तरह की दिक्कतें भी होती हैं। फिलहाल दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में पहली गिरफ्तारी हो गई है। मामले की विवेचना आगे भी जारी रहेगी।
-हरेंद्र चौधरी, कोतवाल रानीखेत।