फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहले डकारी छात्रवृत्ति, अब करना पड़ रहा भुगतान

विज्ञापन
विज्ञापन
देहरादून। कम आय दिखाकर समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति डकारना छात्रों को महंगा पड़ रहा है। उच्च न्यायालय के आदेश पर विजिलेंस जांच में आठ छात्र सामने आने के बाद समाज कल्याण विभाग ने वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है।
विज्ञापन

समाज कल्याण विभाग के अनुसार ये सभी छात्र देहरादून के विकासनगर और कालसी ब्लॉक के हैं। इन छात्रों के आय प्रमाण-पत्र संदेह के घेरे में पाए गए थे। न्यायालय ने विजिलेंस को इन छात्रों के आय प्रमाणपत्रों की जांच के आदेश दिए थे, जिसमें पाया गया कि प्रमाणपत्र नियमों के विपरीत बने थे। इन छात्रों की पारिवारिक आय निर्धारित आय से कई गुना अधिक पाई गई। इनमें कई छात्रों के अभिभावक सरकारी नौकरी में हैं, लेकिन छात्रवृत्ति हासिल करने के लिए वास्तविक आय छिपाई गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद इन छात्रों को नोटिस थमाए जा चुके हैं। इसके बाद इन छात्रों ने विभाग को छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान करना शुरू कर दिया है। ये एमबीबीएस, बीएड व अन्य प्रोफेशनस कोर्स के छात्र हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी हेमलता पांडेय ने आठ छात्रों से छात्रवृत्ति की राशि वसूलने की पुष्टि की है।
ये हैं दोषी छात्र
विपिन सिंह पुत्र अमर सिंह, नीतू तोमर पुत्री सुरेंद्र सिंह तोमर, दीपिका सिंह, पुत्री बलदेव सिंह तोमर, कुलदीप सिंह चौहान पुत्री मोहन सिंह चौहान, उर्वशी पुत्री गोपाल सिंह पंवार, कावेरी पुत्री गोपाल सिंह पंवार, दिव्यांशु राणा पुत्र सरदार सिंह राणा, अंकिता तोमर पुत्री मदन सिंह तोमर के नाम प्रमुख हैं। इन आठ छात्रों के अलावा दो अन्य छात्र भी जांच में शामिल हैं, लेकिन उनका दावा है कि वे पूरी तरह पात्रता श्रेणी में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें