एसआईटी अब तक बाजपुर, जसपुर, नानकमत्ता, सितारगंज, खटीमा, कुंडा और केलाखेड़ा में करीब दो हजार छात्रों का सत्यापन किया है। सत्यापन में हर दूसरा छात्र ऐसा मिल रहा है, जिसने न तो उच्च शिक्षण संस्थान का मुंह देखा न ही कभी खाता खुलवाया।
सूत्रों की मानें तो राज्य के बाहर के निजी शिक्षण संस्थानों ने करीब 50 प्रतिशत छात्रों के फर्जी प्रवेश दिखाए और उनके नाम पर फर्जी दस्तावेजों से खाते खुलवाए। इसके बाद खुद ही छात्रवृत्ति की सारी रकम हड़प कर गए। आगे की जांच से स्थिति साफ हो जाएगी कि कितने प्रतिशत छात्रों को सही और कितनों के नाम पर फर्जी छात्रवृत्ति ली गई।
सरकारी कॉलेजों में गड़बड़ी ना के बराबर
जिले के जिन छात्रों ने राज्य के बाहर सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई की उनकी छात्रवृत्ति में गड़बड़ी नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि सरकारी स्कूलों में मामूली फीस लगती है। सरकारी कॉलेजों में मॉनिटरिंग की प्रक्रिया भी कठिन होती है। इसी कारण सरकारी कॉलेजों में गड़बड़ी ना के बराबर मिल रही है।