भाजपा नेता रविन्द्र जुगरान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पांच साल के राज में समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित, जनजाति, विकलांग, गरीब, पिछड़ों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति में यह घोटाला देहरादून, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में हुआ है।
आरोप लगाया कि प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश के कई जिलों में निजी संस्थानों में संगठित तरीके से फर्जी छात्रों का इन संस्थानों में दर्शा गया है। पिछले छह सालों के आंकड़ों से नजर डाली जाए तो साफ हो जाएगा। सरकारी शिक्षण संस्थानों से पांच गुणा धनराशि निजी शिक्षण संस्थानों को छात्रवृत्ति के नाम पर दी गई है।
आरोप लगाया कि 2014 से लेकर 2016 के बीच इन जिलों में करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये का छात्रवृत्ति घोटाला होने का अनुमान है। इस घोटाले की निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी से कराने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि वह जल्द मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को दस्तावेजी साक्ष्य देकर पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग करेंगे।