बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि क्यों न घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाए। कोर्ट ने इस प्रकरण में सरकार को दस दिन में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी रवींद्र जुगरान ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि समाज कल्याण विभाग ने 2003 से अब तक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों को छात्रवृत्ति का पैसा नहीं दिया है।
स्पष्ट है कि 2003 से अब तक विभाग ने करोड़ों रुपये का घोटाला किया है। याचिका में कहा गया कि 2017 में घोटाले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी और तीन माह के भीतर जांच पूरी करने को कहा गया था लेकिन इस पर आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई। याचिकाकर्ता ने घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी।