छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी अनुराग शंखधर को पुलिस का भय भी था। सीओ एपी कोंडे ने बताया कि पुलिस पर नजर रखने के लिए शंखधर ने अपने घर के हर कोने को सीसीटीवी से लैस किया था। उन्होंने घर के चारों ओर ऊंची दीवारें खड़ी कर रखीं थीं ताकि वह सब पर नजर रख सकें और कोई भी घर में न घुस सके। पुलिस सादी वर्दी में शंखधर के घर पहुंची और दीवार फांदकर उनके घर में प्रवेश कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस से बचने को पहले ही लगा देता था कोर्ट में काउंटर
आरोपी शंखधर बेहद शातिर था। इससे पूर्व भी पुलिस ने शंखधर को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी लेकिन हर बार शंखधर पुलिस से पहले कोर्ट में काउंटर दाखिल कर स्टे ले लेता था। 60 में से अधिकतर मुकदमों में उसे कोर्ट से स्टे मिला था। एक मुकदमे में उसे स्टे नहीं मिला था, जिसके चलते पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकी। इस बार भी 22 दिसंबर को कोर्ट में उसकी तारीख थी लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। शंखधर के अनुसार उसे कुछ तत्कालीन मंत्रियों का भी संरक्षण मिला था जिनकी मदद से उसने घोटाले को अंजाम दिया।