छात्रवृत्ति घोटाले में छुटमुलपुर के एक और आईटीआई संचालक और पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एसआईटी की संस्तुति पर अब तक तीन जिलों में आठ संस्थानों के संचालकों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब संस्थान संचालकाें की गिरफ्तारी को दबिश दे रही है।
हाईकोर्ट के आदेश पर देहरादून और हरिद्वार को छोड़कर 11 जिलों में छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में एसआईटी युद्धस्तर पर जुटी है। सोमवार को यूपी के एक और संस्थान के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर मुकदमा दर्ज कराया गया।
एसआईटी प्रभारी और आईजी कुंभ संजय गुंज्याल ने बताया कि कृष्णा आईटीआई कमालपुर छुटमलपुर (सहारनपुर) संस्थान को लेकर शिकायत थी कि छात्रों को फर्जी तरीके से एससी-एसटी और ओबीएस वर्ग में शामिल दर्शाकर छात्रवृत्ति हड़पी गई है। प्रारंभिक जांच में सात छात्रों के बयान लिए गए तो उन्हाेंने संस्थान में दाखिला लेने और छात्रवृत्ति मिलने से साफ इंकार किया।
जांच में आया कि कि जिला समाज कल्याण कल्याण अधिकारी की तरफ से छात्रवृत्ति के मद में दिया गया दो लाख 89 हजार रुपये का चेक पंजाब नेशनल बैंक को जारी किया गया था। बैंक में छात्रों के खाते न होने के कारण रकम आईटीआई संचालक के खाते में स्थानांतरित हुई।
उन्हाेंने बताया कि कूटरचित दस्तावेजों से सरकारी धन प्राप्त करने के आरोप में कृष्णा आईटीआई कमालपुर छुटमलपुर और पंजाब नेशनल बैंक आदि के खिलाफ नैनीताल जिले के थाना भीमताल में अभियोग पंजीकृत कराया गया है। बता दें छात्रवृत्ति घोटाले में ऊधमसिंह नगर जिले में चार, नैनीताल में तीन और टिहरी गढ़वाल में अब एक मुकदमा दर्ज हुआ है।