भीम भास्कर आर्य ने बताया कि छात्रवृत्ति लिस्ट में कारपेंटर का नाम राव निहाल सिंह कॉलेज जोधपुर राजस्थान बीएड करना दिखाया गया है। लेकिन उसके कक्षा पांच के दस्तावेज देखे तो टीम हैरान रह गई। बिचौलियों पर आरोप लगाते हुए बताया है कि उनके दस्तावेज लेकर उनके फर्जी दाखिला कराया गया।
गौरतलब है कि शैक्षणिक संस्थानों से मिलकर दशमोत्तर कक्षाओं के छात्र छात्राओं को गुमराह कर छात्रवृत्ति हड़पने के मामले की एसआईटी जांच कर रही है। मामले में चार बिचौलियों समेत दो शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ मुकदमें भी दर्ज हैं।