सरकारी ठेकेदार के बेटे को मिली 90 हजार की छात्रवृत्ति
रुड़की के एक विवि में बीई की पढ़ाई करने वाले छात्र के पिता भी लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के ठेके लेते हैं। आरटीआई के तहत मिली जानकारी में उनकी मासिक आय 60 हजार रुपये प्रतिमाह है, लेकिन बेटे को इंजीनियरिंग कराने के लिए 90 हजार रुपये वर्ष 2015-16 के सत्र के दौरान सरकार से लेने पड़े।
आईटीबीपी कर्मी की बेटी ने पाए 45300 रुपये
हरिद्वार जनपद के ही एक शख्स भारत तिब्बत सीमा बल में कार्यरत हैं। मासिक आय 60 हजार रुपये यानी 7.20 लाख रुपये सालाना, लेकिन सत्र 2015-16 में बेटी को बीसीए के प्रथम वर्ष की पढ़ाई कराने के लिए 45300 सरकार से लेने पड़ गए। जाहिर है आय दिखाने में कोई न कोई झोल तो जरूर किया होगा।
सरकारी अध्यापक का बेटा पा गया 55500 रुपये
जौनसार बावर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति सरकारी स्कूल में अध्यापक हैं। उनके और भी कई कारोबार हैं। सरकारी दस्तावेजों में मासिक आय 216000 रुपये है। बेटे को सत्र 2015-16 में दून के एक बड़े शिक्षण संस्थान में दाखिला दिलाया। बीई की पढ़ाई के लिए आय में झोल करके सरकार से 55500 रुपये छात्रवृत्ति हासिल कर ली।