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अनुसूचित जाति के युवक संग शादी में हुई बर्बरता, सात दबंगों ने उतारा मौत के घाट, अकेला था कमाने वाला

Mon, 06 May 2019 09:37 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनबाग(टिहरी)
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मृतक जितेंद्र की फाइल फोटो
उत्तराखंड में एक बेहद बर्बरतापूर्ण मामला सामने आया है। जहां गांव के सात दबंगों ने शादी समारोह में कुर्सी पर सामने बैठकर खाना खाने पर अनुसूचित जाति के युवक की जान ही लेली। टिहरी गढ़वाल के श्रीकोट गांव में नौ दिन पहले शादी समारोह में पिटाई से घायल अनुसूचित जाति के युवक जितेंद्र दास की रविवार तड़के मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि गांव के सात दबंगों ने शादी समारोह में कुर्सी पर सामने बैठकर खाना खाने पर उसकी बेरहमी से पिटाई की थी।
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अमर उजाला
मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने श्री महंत इंदिरेश अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया। आक्रोशित ग्रामीणों की योजना शव को सीएम आवास पर ले जाने की थी, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। नैनबाग तहसील के श्रीकोट निवासी प्रदीप दास की 26 अप्रैल को शादी थी। सुबह प्रदीप की बरात श्रीकोट से जौनपुर क्षेत्र के ललोटना गांव गई थी। इसी दिन बरात वापसी के बाद रात में प्रदीप ने पार्टी दी थी।
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अमर उजाला
पार्टी के दौरान क्षेत्र के कुछ दबंग युवक भोजन कर रहे थे। दूल्हे प्रदीप के रिश्ते का चाचा जितेंद्र दास (23) निवासी बसाण (टिहरी गढ़वाल) उनके सामने कुर्सी लगाकर खाना खाने लगा। आरोप है कि अनुसूचित जाति के युवक के सामने बैठकर खाना दबंगों को नागवार गुजरा। इसी बात से नाराज होकर इन दबंगों ने जितेंद्र की कुर्सी पर लात मारकर नीचे गिरा दिया। इसके बाद लात-घूंसों से उसकी पिटाई कर दी। इसके अलावा दबंगों ने समारोह के बाहर ले जाकर भी जितेंद्र को पीटा।

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अगले दिन सुबह उसकी हालत बिगड़ी तो परिजनों ने उसे नैनबाग स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने के कारण जितेंद्र को 27 अप्रैल को देहरादून के श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां रविवार सुबह पांच बजे उसकी मौत हो गई। 
 
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अमर उजाला
जितेंद्र के ऊपर ही बुजुर्ग मां गीता, 20 वर्षीय बहन पूजा और 12 साल के भाई के पालन पोषण करने का जिम्मा था। वह मजदूरी कर गुजर बसर करता था। जितेंद्र अपनी बहन की शादी की तैयारी में लगा था, लेकिन जितेंद्र का यह सपना अधूरा ही रह गया। जितेंद्र की मौत से परिवार पर आजीविका का संकट आ गया है।
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