भराणीसैंण में बन रहे विधानसभा भवन व अन्य सुविधाओं में बिना मंजूरी 68 करोड़ अधिक की वृद्धि करने को लेकर खलबली मच गई है।
राज्य योजना आयोग की मानें तो निर्माण कार्य कर रही नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) की मनमानी के चलते योजना पर मंजूर 105.02 करोड़ रुपये का खर्च 168.02 करोड़ दर्शाया गया है।
इनमें कई ऐसे व्यय दिखाए गए हैं, जिनसे संबंधित कागजात भी नहीं पेश किए गए हैं। फिलहाल पूरे मामले की शासन स्तर पर जांच बिठा दी गई है।
भराणीसैंण में विधानभवन और उससे जुड़े अन्य कार्यों के निर्माण का जिम्मा कार्यदायी संस्था एनबीसीसी को सौंपा गया था। इसका मूल खर्च 105.03 करोड़ का था, लेकिन एनबीसीसी ने पुनरीक्षित आगणन 168.02 करोड़ का पेश कर दिया।
राज्य योजना आयोग ने 14 बिंदुओं के तहत आपत्ति की है
मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह 'बाएं'
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नियमानुसार दस फीसदी से अधिक के व्यय होने पर पहले शासन की मंजूरी लेना जरूरी है, मगर यहां यह प्रक्रिया हुई ही नहीं। इसको लेकर राज्य योजना आयोग ने 14 बिंदुओं के तहत आपत्ति की है।
हाल ही में मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन आपत्तियों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके बाद एक कमेटी का गठन भी किया गया। इस कमेटी को 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट देना थी, मगर विधानसभा सत्र के चलते अब यह कमेटी 22 नवंबर को भराणीसैंण जाएगी।
कमेटी बनाई गई है, जो मौका-मुआयना करेगी। उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि अब जो काम चल रहे हैं, उसमें होने वाले खर्च को कैसे कम किया जाए।
- शत्रुघ्न सिंह, मुख्य सचिव