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बर्बर पिटाई के बाद अनुसूचित जाति के युवक की हुई मौत, पूर्व सीएम हरीश रावत ऐसे किया प्रायश्चित

Mon, 13 May 2019 11:05 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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मौन व्रत पर बैठे हरीश रावत व अन्य - फोटो : अमर उजाला
अनुसूचित जाति के युवक जितेंद्र दास की मौत पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने व्यक्तिगत तौर पर प्रायश्चित करने का निर्णय लिया। इस क्रम में आज सुबह दस बजे मौन व्रत पर बैठे। वह एक घंटे के लिए गांधी प्रतिमा के सामने मौन व्रत पर रहे। इससे पहले रविवार को हरीश रावत का कहना था कि चूंकि वह राज्य के सीएम रह चुके हैं और यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना उत्तराखंड में घटी है, इसलिए वह प्रायश्चित स्वरूप इस कार्यक्रम को आयोजित कर रहे हैं।
 
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फाइल फोटो
नैनबाग के बसाण गांव निवासी जितेंद्र दास की विवाह समारोह के दौरान मौत का मामला लगातार गरमाया हुआ है। कांग्रेस का हर बड़ा नेता जितेंद्र के गांव पहुंचकर सांत्वना दे चुका है। प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के बाद रविवार को कांग्रेस महासचिव हरीश रावत भी बसाण गांव पहुंचे। वहां से देहरादून लौटकर हरीश रावत ने प्रायश्चित का कार्यक्रम तय कर दिया। 
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पूर्व सीएम हरीश रावत - फोटो : फाइल फोटो
‘अमर उजाला’ से बातचीत में पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि इस मामले में वह किसी पर दोषारोपण नहीं करना चाहते। यह विशुद्ध रूप से सामाजिक मसला है। उत्तराखंड जो कि सौहार्द और सद्भाव की भूमि है, वहां पर यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण और हम सबके लिए शर्मनाक है। इसलिए देश की जनता को यह बताने के लिए वह व्यक्तिगत रूप से इस घटना से कितने शर्मसार हैं, प्रायश्चित करना चाहते हैं।

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- फोटो : फाइल फोटो
कांग्रेस के साथ अनुसूचित जाति के लोगों का जुड़ाव और उसकी अहमियत हरीश रावत से बेहतर कोई नहीं जानता। इसीलिए राज्य की सत्ता से बाहर होकर भी हरीश रावत ने कभी अनुसूचित जाति के लोगों को अपने साथ जोड़ने में कसर नहीं छोड़ी है। पिछले वर्ष तमाम वाल्मीकि मंदिरों में हरीश रावत ने पूजा अर्चना के कार्यक्रम आयोजित किए। 
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जितेंद्र दास - फोटो : फाइल फोटो
जौनपुर ब्लॉक के श्रीकोट गांव में एक विवाह समारोह में दबंगों की पिटाई से घायल जितेंद्र दास (23) निवासी बसाण गांव ने उपचार के दौरान देहरादून अस्पताल में दम तोड़ दिया था। घटना से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में धरना देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों की बर्खास्तगी की थी।
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