अनुसूचित जाति/ जनजाति छात्रों की छात्रवृत्ति के घोटाले का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान की याचिका पर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति रमेश चंद्र खुल्बे की खंडपीठ ने प्रदेश सरकार को 12 दिसंबर तक स्थिति स्पष्ट करने और रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
जुगरान की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा गया है कि समाज कल्याण विभाग ने 2003 से अब तक अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों को छात्रवृत्ति का पैसा नहीं दिया है। इसमें करोड़ों रुपये का घोटाला है।
वर्ष 2017 में इसकी जांच के लिए मुख्यमंत्री के आदेश पर एसआईटी गठित की गयी थी। मुख्यमंत्री का यह भी आदेश था कि तीन माह के भीतर जांच पूरी कर ली जाए। इस पर आगे की कोई कार्यवाही नही हो सकी। जुगरान ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग भी की।