आर्मी चीफ ने सेना मेडल के लिए भेजा था उनका नाम
शहीद जवान नायक दीपक नैनवाल बीते 10 अप्रैल को दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों से हुई मुठभेड़ से पहले भी मोर्चा संभालते रहे हैं। उन्होंने इसी वर्ष जनवरी में दो आतंकियों का एनकाउंटर किया था। जिसके बाद आर्मी चीफ विपिन रावत ने उन्हें सम्मानित भी किया था। इसके साथ ही उनका नाम सेना मेडल के लिए भी भेजा गया था। हालांकि उन्हें पुरस्कार नहीं दिया गया।
शहीद के भाई प्रदीप नैनवाल के मुताबिक जब दीपक अस्पताल में भर्ती थे, तो उन्होंने सेना मेडल के बारे में बातचीत की थी। बताया कि उनका नाम सेना मेडल के लिए भेजा गया था, राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित किया जाना था। लेकिन, उन्हें सेना मेडल क्यों नहीं दिया गया, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
बता दें कि बीते 10 अप्रैल की रात दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों के साथ 17 घंटे चली मुठभेड़ में दून के जवान नायक दीपक नैनवाल गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। इलाज के करीब 40 दिन बाद उनका बीते 20 मई रविवार को पुणे स्थित पैराप्लेजिक रिहेब सेंटर में उनका निधन हो गया था।