सतपाल महाराज अब केंद्र की सियासत करेंगे। न राज्य भाजपा में दखल देंगे न ही कांग्रेस सरकार को अस्थिर बनाएंगे।
पार्टी बदलने के बाद पहली बार देहरादून आए महाराज ने सूबे के भाजपा नेताओं को एक तरह से आश्वस्त किया कि वह प्रदेश की राजनीति में दखल नहीं देंगे।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की दौड़ में भी वह शामिल नहीं हैं। यह भी कहा कि वह सरकार गिराने के लिए भाजपा में नहीं आएं हैं। उनकी प्राथमिकता में मोदी को प्रधानमंत्री बनाना है।
उनकी प्राथमिकता राष्ट्र, पहाड़ में रेल, आपदा में पुनर्निर्माण, चीन की सीमा से लगी सुरक्षा और मोदी हैं।
भाजपा ने किया महाराज का जोरदार स्वागत
भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बार प्रदेश पार्टी कार्यालय पर पहुंचे सतपाल महाराज का गर्मजोशी से स्वागत हुआ।
प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत, नेता प्रतिपक्ष सहित सहित दो लोकसभा प्रत्याशी उनकी अगवानी में मौजूद थे।
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इस तरह से उन्होंने अपने दौरे में भाजपा के साथ कांग्रेस के भी नेताओं को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि उनका इरादा नकारात्मक नहीं है।
कांग्रेस पर एक शब्द नहीं, बस मोदी का गुणगान
अपनी नई सियासी पारी में जोरदार अगवानी से गदगद महाराज ने भाजपा कार्यकर्ताओं से संबोधन में पाला बदल पर खुद सवाल किया तो जवाब भी दिया।
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राज्य के मसलों से ज्यादा राष्ट्रीय मुद्दे उनके संबोधन में छाए रहे। खासकर राष्ट्र की सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता ज्यादा ही उजागर हुई।
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इस दौरान चुनावी हवा बनाने के लिए उन्होंने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया और लोकसभा चुनाव में न केवल प्रदेश की पांचों सीटों पर भाजपा की जीत बल्कि नरेंद्र मोदी के मिशन 272 के पूरा होने का भी दम भरने से नहीं चूके।
अमृता खुद निर्णय लेने में सक्षम
सतपाल महाराज ने पत्नी अमृता रावत के मंत्रीपद से हटाने के सवाल पर कहा कि अमृता तीन बार की विधायक हैं और उनको पार्टी में सम्मान मिलना चाहिए।
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उनको मंत्री पद वरिष्ठता के आधार दिया है। अगर उन्हें ऐसा लगता है कि पार्टी में सम्मान नहीं मिल रहा तो वह खुद निर्णय लेने में सक्षम हैं।
नेताओं ने बांधे महाराज की तारीफों के पुल
महाराज को बहुत पहले आ जाना चाहिए थे। वह आध्यात्मिक हैं और उनके विचार भाजपा से मेल खाते हैं। उनके दर्द को कांग्रेस नहीं समझ पाई। गैरसैंण राजधानी से लेकर रेलवे लाइन तथा आपदा पुनर्निर्माण जैसे मुद्दे को कांग्रेस ने अनदेखा कर दिया लेकिन भाजपा इस दर्द को दूर करेगी।
-तीरथ सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा
महाराज ने अध्यात्म के क्षेत्र में माथा ऊंचा किया है। उसी तरह भाजपा में उनके आने से उनके लाखों अनुयायी और समर्थक नरेंद्र मोदी की जीत सुनिश्चित करेंगे। वह कांग्रेस में घुट रहे थे और उनके जाते ही पार्टी सदमे में आ गई।
-रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार से प्रत्याशी
राजसूय यज्ञ में जिस तरह श्रीकृष्ण ने जूठे पत्तल उठाए उसी तरह महाराज ने मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए भाजपा में जिम्मेदारी ली है। उनके आने से भाजपा को मजबूती के साथ ताकत भी मिलेगी।
-अजय भट्ट, नेता प्रतिपक्ष