देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) से शनिवार को लोक भवन में स्वस्तिवाचनम् संस्था के ट्रस्टी हरीश चंद्र जोशी और सदस्य डॉ. सुनील जोशी, डॉ. जीवन जोशी ने शिष्टाचार भेंट की। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल के साथ संस्कृत, योग एवं आयुर्वेद के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने संस्कृत विद्वान आचार्य दिनेश चंद्र जोशी को समर्पित एक स्मारक डाक टिकट राज्यपाल को भेंट किया।
राज्यपाल ने कहा कि संस्कृत हमारी अमूल्य धरोहर और ज्ञान का शाश्वत स्रोत है। यह भाषा हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल स्वरूप से परिचित कराती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को संस्कृत के संरक्षण और संवर्धन में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए, ताकि इस समृद्ध भाषा और इसके ज्ञान को पूरे भारत ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीक के माध्यम से संस्कृत के प्रचार-प्रसार की व्यापक संभावनाएं हैं।