जिस संजीवनी बूटी के मिलने का दुनिया भर के चिकित्सा विज्ञानी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, उस बेशकीमती जड़ी की खोज बजट के फेर में लटक गई है।
संजीवनी बूटी ढूंढने का सीजन निकल गया है और इसके लिए गठित कमेटी को शासन ने इतना भी बजट नहीं दिया कि विज्ञानी द्रोण पर्वत पर जा सकें। अब संजीवनी की खोज के लिए केंद्र सरकार से 10 करोड़ रुपये बजट मांगा जा रहा है।
ब्रिटेन, जर्मनी, इटली आदि देशों की एजेंसियां हिमालयी जड़ी-बूटियों की खोज और इनकी ताजा स्थिति जानने के लिए रात-दिन एक हुए हैं।