शहीद संदीप का पार्थिव शरीर पहुंचा दून
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जम्मू-कश्मीर के तंगधार में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए 23 वर्षीय जवान संदीप सिंह रावत का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह देहरादून पहुंचा। गढ़वाल राइफल्स के जवान शहीद संदीप का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शहीद का पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा। शव पहुंचने के बाद सीएम हरीश रावत भी पहुंचे। सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने भी पहुंचकर शहीद को श्रद्धांजलि दी।
वहीं शहादत की खबर मिलने के 24 घंटे तक किसी अधिकारी या नेता के न पहुंचने से शहीद के परिजनों में रोष है। शासन की संवेदनहीनता पर नाराजगी जताई है।
पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
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आतंकी घुसपैठ की कोशिश नाकाम करते हुए शहीद
देहरादून के नवादा निवासी संदीप सिंह रावत पुत्र हरेंद्र सिंह रावत जम्मू-कश्मीर के तंगधार सेक्टर में तैनात थे। बृहस्पतिवार को पेट्रोलिंग के दौरान उनकी आतंकियों से मुठभेड़ हो गई जिसमें घुसपैठ को नाकाम करते हुए संदीप शहीद हो गए।
शनिवार सुबह उनका पार्थिव शरीर देहरादून लाया जाएगा। बेटे की शहादत सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। शहीद संदीप रावत दो साल पूर्व स्पोर्ट्स कोटे से फौज में भर्ती हुए थे।
छह गढ़वाल राइफल्स में तैनात संदीप की प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से हुई थी। संदीप पहले बॉक्सर बनना चाहते थे पर देशभक्ति के जज्बे ने उन्हें सेना में भर्ती होने को प्रेरित किया। यहीं नहीं पुलिस कांस्टेबल भर्ती में भी सफल होने के बावजूद संदीप ने सेना को वरीयता दी।
खुद ही मांगी थी बॉर्डर पर तैनाती
शहीद संदीप सिंह रावत
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संदीप के पिता भी सेना से रिटायर हैं और वर्तमान में दून मेडिकल कॉलेज में तैनात हैं। सैन्य पृष्ठभूमि के संदीप ने अफसरों से कहकर खुद ही बॉर्डर पर पोस्टिंग मांगी थी।
परिजनों ने बताया कि संदीप मई में छुट्टी पर आए थे और 13 जून को वापस गए। मंगलवार को मां आशा रावत से संदीप ने फोन पर बात की। गुरुवार रात परिजनों को बेटे की शहादत की खबर मिली। शहीद का घर मूल रूप से पौड़ी के ग्राम घोड़पाला में है। शहीद के बड़े भाई दीपक दुबई के एक होटल में काम करते हैं।